शाहजहांपुर। हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस में यात्रा करते फर्जी टीटीई को पकड़ लिया गया। उसके पास से कोई रसीद तो नहीं मिली पर यात्रियों से वसूले 1750 रुपये बरामद किए गए। जीआरपी ने उसके खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपी मूल रूप से बरेली शहर के बारादरी का निवासी है।
मंगलवार को हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस बरेली से शाहजहांपुर के लिए चली। तभी एक व्यक्ति एसी कोच में चढ़ा। उस कोच में पहले से ही एक टीटीई चेकिंग कर रहे थे। टीटीई ने जब ट्रेन में चढ़ने वाले व्यक्ति से उसका परिचय पूछा तो उसने बेझिझक खुद को टीटीई बताया। उसके पास टीटीई का आईकार्ड भी था। जब असली टीटीई ने फर्जी टीटीई से उसकी तैनाती व स्टेशन आदि की जानकारी ली तब उसने खुद को प्रशिक्षणरत बताया। हालांकि प्रशिक्षण कहां से प्राप्त कर रहा है, इसकी जानकारी वह नहीं दे पाया। टीटीई ने तुरंत ही इसकी जानकारी कंट्रोल को दी। कंट्रोल के आदेश पर आरपीएफ ने शाहजहांपुर स्टेशन पर ट्रेन आते ही फर्जी टीटीई को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे जीआरपी के हवाले कर दिया गया। जीआरपी प्रभारी करुणेश शुक्ला ने बताया कि पकड़े गए फर्जी टीटीई ने अपना नाम सत्येंद्र प्रताप निवासी मोहल्ला बारादरी, जिला बरेली बताया है। उसके खिलाफ लोकसेवक का प्रतिरोपण, धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है अब उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। फर्जी टीटीई के पास से 1750 रुपये भी बरामद किए गए हैं। हालांकि उसके पास से कोई रसीद वगैरह नहीं मिली है।