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कॉलोनियों समेत कृषि योग्य जमीनों के सर्किल रेट घटने की संभावना

सार

मौजूदा सत्र के लिए प्रशासन द्वारा चल-अचल संपत्तियों के बैनामा में स्टांप शुल्क की न्यूनतम दरें तय करने के लिए प्रस्तावित सर्किल रेट में मामूली फेरबदल हो सकता है। एक कॉलोनाइजर ने एक वर्ष के दौरान कोई भी प्लॉट नही बिकने का जिक्र कर कालोनी के सर्किल रेट की पुरानी दरें यथावत रखने का अनुरोध किया है। दरें बढ़ाने के प्रस्ताव पर मुखर हुए कॉलोनाइजरबरेली मोड़ स्थित वृृंदावन गार्डेन के साझेदार ने कहा है कि कॉलोनी का सर्किट रेट 14000 के बजाय पूर्ववत 13500 रुपये प्रति वर्ग मीटर रखा जाए क्योंकि कॉलोनी में एक वर्ष से कोई प्लॉट नहीं बिका है।
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विस्तार
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शाहजहांपुर। मौजूदा सत्र के लिए प्रशासन द्वारा चल-अचल संपत्तियों के बैनामा में स्टांप शुल्क की न्यूनतम दरें तय करने के लिए प्रस्तावित सर्किल रेट में मामूली फेरबदल हो सकता है। प्रस्तावित दरों पर करीब एक दर्जन आपत्तियां और सुझाव मिले हैं। इन पर अमल हुआ तो कृषि भूमि व कुछ जगह सर्किल रेट घट सकते हैं।
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अधिकारियों के अनुसार शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र के कई लोगों ने सर्किल रेट दरों में कमी करने की मांग की है। कुछ लोगों ने ऐसे स्थानों के सर्किल रेट बढ़ाने का सुझाव दिया जहां कृषि योग्य जमीनों की मकान बनाने को प्लॉटिंग की जा रही है। एक कॉलोनाइजर ने एक वर्ष के दौरान कोई भी प्लॉट नही बिकने का जिक्र कर कालोनी के सर्किल रेट की पुरानी दरें यथावत रखने का अनुरोध किया है।
जिले में सर्किल रेट की वर्तमान दरें 15 अक्तूबर 2020 में निर्धारित हुई थीं। कोरोना काल में वार्षिक प्रक्रिया थमी रही। इस बार सभी श्रेणियों की संपत्तियों के सर्किल रेट 15 से 20 फीसदी तक बढ़ाने का निर्णय किया गया है। सर्किल रेट की प्रस्तावित दरें जन सामान्य से आपत्तियां लेने के लिए 12 सितंबर को सार्वजनिक की गई थीं। सोमवार को आपत्तियां लेने के अंतिम दिन तक अधिकारियों को करीब एक दर्जन लिखित प्रत्यावेदन प्राप्त हुए। इन आपत्तियों का निस्तारण होने पर कई क्षेत्रों के प्रस्तावित सर्किल रेट में बदलाव हो सकता है।
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दरें बढ़ाने के प्रस्ताव पर मुखर हुए कॉलोनाइजर
बरेली मोड़ स्थित वृृंदावन गार्डेन के साझेदार ने कहा है कि कॉलोनी का सर्किट रेट 14000 के बजाय पूर्ववत 13500 रुपये प्रति वर्ग मीटर रखा जाए क्योंकि कॉलोनी में एक वर्ष से कोई प्लॉट नहीं बिका है। मिश्रीपुर स्थित ग्रीन सिटी के कॉलोनाइजर ने कहा है कि सर्किल रेट 15000 रुपये के बजाय 10000 रुपये वर्गमीटर किया जाना ठीक होगा। लोधीपुर स्थित सिटी पार्क के कॉलोनाइजर ने सर्किल रेट में 20 के बजाय दस प्रतिशत वृद्धि करने का अनुरोध किया। रेती रोड स्थित विष्णु वाटिका के मालिक ने क्षेत्र के सर्किल रेट में 35 प्रतिशत वृद्धि का उल्लेख करते हुए उसे घटाकर 20 प्रतिशत किए जाने की मांग की। अभी तक विष्णु वाटिका के आसपास सर्किल रेट 4800 रुपये निर्धारित था जो बढ़ाकर 6500 रुपये वर्गमीटर करने का प्रस्ताव है। यहां आपत्तिकर्ता ने 20 प्रतिशत वृद्धि के साथ सर्किल रेट 5800 रुपये सीमित करने पर जोर दिया है।
ग्रामीण क्षेत्रों से आईं मिली-जुली आपत्तियां
शहर से सटे और तहसीलों के ग्रामीण क्षेत्रों से मिली-जुली आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। मसलन, जमौर के पूर्व प्रधान लालाराम ने कहा है कि जमौर में खेती की जमीनों के सर्किल रेट बढ़ाने से क्षेत्र में विकास प्रभावित होगा, इसलिए दरें यथावत रखी जाएं। शहर के पवन किशोर चंद्रा ने कहा है कि शहर के आसपास अर्धनगरीय क्षेत्रों में कृषि भूमि पर प्लॉटिंग कर उसे महंगे दामों पर बेचा जा रहा है। इसलिए कृषि योग्य जो जमीनें आवासीय उपयोग में लाई जा रही हैं उनके सर्किल रेट बढ़ाना उचित होगा। नवादा इंदेपुर के एक व्यक्ति ने सर्किल रेट में 20 के बजाय दस प्रतिशत वृद्धि करने की मांग की। जलालाबाद बार संघ के अध्यक्ष सुभाष मिश्रा ने तहसील क्षेत्र के विकास की दृष्टि से पिछड़ेपन का हवाला देकर सर्किल रेट नहीं बढ़ाने का अनुरोध किया।
मंगलवार तक सभी आपत्तियों और सुझाव को निस्तारित कर दिया जाएगा। डीएम के स्तर से जिले मेें सर्किल रेट की नई दरें 22 सितंबर से प्रभावी कर दी जाएंगी। वृद्धि मौजूदा दर के सापेक्ष अधिकतम 20 प्रतिशत होगी। -चंदन प्रसाद, सहायक महानिरीक्षक (स्टांप एवं निबंधन)
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