शाहजहांपुर। कोरोना के समय ऑक्सीजन सिलिंडर को लेकर मची मारा-मारी से सबक लेते राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने मजबूत तैयारी शुरू कर दी है। पहले से स्थापित ऑक्सीजन प्लांट होने के साथ ही लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना को शुरू कर दिया।
कोविड-19 के समय ऑक्सीजन सिलिंडर को लेकर काफी त्राहि-त्राहि मची थी। कोविड को देखते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज में 960-960 किलोलीटर के तीन प्लांट स्थापित हुए थे। एक संस्था ने दान में देते हुए प्लांट लगवाया था। हालांकि, वह इस समय खराब पड़ा है। उसे सही कराने के लिए पत्राचार किया गया है। कोविड के समय ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना का निर्णय लिया था। इसी क्रम में राजकीय मेडिकल कॉलेज के पीछे बड़ौदा की कार्यदायी संस्था के कर्मचारी प्लांट को लगा रहे हैं। इसका करीब 60 प्रतिशत काम पूर्ण हो चुका है। प्लांट पर एक करोड़ रुपये खर्च किया गया। इसकी क्षमता 20 टन है।
लंबे समय तक स्टोरेज की रहेगी व्यवस्था
लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट से मरीजों को काफी फायदा होगा। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार के अनुसार, इसे लंबे समय तक स्टोरेज कर सकते हैं। लिक्विड ऑक्सीजन के ट्रैंक को मंगाकर स्टोर कर मशीनों के जरिये ऑक्सीजन का रूप देकर मरीजों तक पाइप लाइन के जरिये पहुंचाया जाएगा। ऑक्सीजन की डिलीवरी भी आसान है।
फोटो नंबर 55 कार्यदायी संस्था लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट को स्थापित कर रही है। कुछ कागजी कार्रवाई पूर्ण होने के बाद इसे शुरू करा दिया जाएगा। इसके शुरू होने से मरीजों को आसानी से ऑक्सीजन उपलब्ध हो सकेंगी। डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज