तिलहर। हजरत मौलाना लियाकत हुसैन फाजिले तिलहरी के 26वें दो रोजा सालाना उर्स का कुलशरीफ के साथ समापन हो गया। अंतिम दिन अकीदतमंदों ने मजार पर गुलपोशी और चादरपोशी कर मुल्क व कौम की तरक्की के लिए दुआ की।
सोमवार सुबह कुलशरीफ का आगाज कुरान पाक की तिलावत से हुआ। हाफिज अबू तालिब बहराइच, मोहम्मद हाफिज अयाज रजा उत्तराखंड, सकलैन रजा बिहार, हाफिज अजमल रजा ने नात का नजराना पेश किया। इस माैके पर मुरादाबाद से आए मुफ्ती मोहम्मद इमरान हनफी ने कहा कि बुजुर्गान-ए-दीन अपनी पूरी जिंदगी अल्लाह और पैगंबर-ए-इसलाम के हुक्म के मुताबिक गुजारते हैं। मुफ्ती सुल्तान रजा बहराइची, मौलाना नाजिम रजा मंजरी अमरोहा ने तकरीर की। खानकाह-ए रिजविया बरेली के सज्जादानशीन मुफ्ती एहसन रजा खां कादरी ने मुल्क में अमन और चैन की दुआ की। मौलाना अकील रजा के संचालन में हुए उर्स में साहिब-ए-सज्जादा मोहम्मद स्वालेह उर्फ शद्दन मियां ने शिजरा पढ़ा।