शाहजहांपुर। त्योहारी सीजन में खरीदारी के लिए बाजार आने वाले लोगों में खासतौर पर महिलाओं की सुविधा के लिए बनाए गए शौचालय अतिक्रमण की भेंट चढ़ गए हैं। आसपास लगीं दुकानों से पता ही नहीं चलता कि यहां पर शौचालय बना हुआ है। इसके अलावा गंदगी के कारण भी शौचालय का इस्तेमाल करना मुश्किल है।
नगर निगम की ओर से 11 सामुदायिक और 10 सार्वजनिक शौचालय बनाए गए हैं। छह पिंक टॉयलेट बने हैं। नगर निगम की ओर से समय-समय पर अतिक्रमण विरोधी अभियान भी चलाया जाता है, लेकिन शौचालयों को घेरी गईं दुकानों को नहीं हटाया जाता।
बहादुरगंज में मोहम्मद अली मार्केट के सामने बने पिंक शौचालय के आगे-पीछे और आसपास तमाम दुकानें और ठेले लगे मिले। इसकी वजह से पिंक शौचालय का गेट तक नहीं दिखता। नगर निगम ने इस पिंक शौचालय का निर्माण बाजार में खरीदारी करने के लिए आने वाली महिलाओं को ध्यान में रखकर करवाया था।
दीवान जोगराज में सार्वजनिक शौचालय के आगे बिक रहे फल
विसरात रोड स्थित हनुमतधाम से पक्का पुल की ओर जाने वाले मार्ग पर दीवान जोगराज के पास नगर निगम की ओर से सार्वजनिक शौचालय का निर्माण करवाया गया था। इस शौचालय के आगे फल विक्रेता ने अतिक्रमण कर रखा है। फल का ठेला सजाए जाने से शौचालय की ओर जाने का रास्ता तक नहीं मिलता। ऐसे में केरूगंज, बांसमंडी व हनुमतधाम आदि स्थानों पर आने-जाने वालों को दिक्कत होती है।
बरेली मोड़ पर शौचालय के सामने लग रहे ठेले
बरेली मोड़ पर स्थित सार्वजनिक शौचालय के सामने भी फल विक्रेताओं द्वारा ठेले लगाए जाते हैं। इनके अलावा ऑटो चालकों का जमावड़ा भी लगा रहता है। इसकी वजह से महिलाएं इस शौचालय का प्रयोग भी नहीं कर पाती। सफाई व्यवस्था ठीक न होने के कारण पुरुष भी इस शौचालय में जाने से बचते हैं।
इन स्थानों पर नहीं पहुंचते लोग
शहर में ऐसे भी कई स्थानों पर नगर निगम द्वारा शौचालयों का निर्माण करवाया गया है, जहां तक लोगों का पहुंचना भी मुश्किल होता है। इनमें गर्रा पुल के नीचे, अजीजगंज, गोविंदगंज पुल के नीचे, कचहरी रोड पर गुरुद्वारा के सामने स्थित सामुदायिक, सार्वजनिक एवं पिंक शौचालयों पर कोई नहीं पहुंचता।
नगर निगम द्वारा निर्मित सार्वजनिक, सामुदायिक तथा पिंक शौचालयों के आगे अतिक्रमण को हटवाया जाएगा। इससे बाजार में आने वाले लोग उसका इस्तेमाल कर सकें। - संगीता कुमारी, संयुक्त नगर आयुक्त, नगर निगम शाहजहांपुर।
दीवान जोगराज स्थित सार्वजनिक शौचालय के सामने फलों का फड़ लगाए दुकानदार। संवाद