शाहजहांपुर। मस्जिद शेरुज्जमा खां में रविवार को तरगीब-ए-सलात कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें पाबंदी से 40 दिन नमाज पढ़ने वाले बच्चों को इनामात देकर हौसला अफजाई की गई। मुख्य अतिथि नदीम रहमान और अतिथियों ने अरसलान, गुफरान को प्रथम, बिलाल को द्वितीय और वारिस को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया। हमजा, हसनैन, अरहान, अली, अनस, मोहम्मद अरसलन, अदी आलम, शहजर, अदनान, अरहम, जोहान, हादी और हाफिज अली को भी पुरस्कृत किया गया। किशवर दानाई और मौलाना जुनैद ने बारगाहे रिसालत में नात का नजराना पेश किया। इससे पहले कॉन्फ्रेंस का आगाज हाफिज जीशान ने तिलावते कुरान-ए-पाक से किया। मुख्य वक्ता मौलाना अनीस खां अतहर ने कहा कि बच्चों को अच्छी तरबीयत देना वालदैन पर लाजमी है। बच्चे अपने मां-बाप के हुकूक अदा करें और वालदैन अपने बच्चों के हुकूक अदा करें। मां-बाप की तरफ से बच्चों के लिए सबसे अच्छा तोहफा तालीम है। अल्लाह ताला कुरान में फरमाता है कि बेशक अल्लाह सब्र करने वालों के साथ है। इस मौके पर मस्जिद इंतजामिया कमेटी अध्यक्ष आफताब अली, मौलाना राहिल रजा, शाह आलम, सरताज हुसैन, फाजिल खान, नेकी उल्ला खान, तौहीद, फैजान, अबुल कलाम, जुबेर आलम, एनुल हक, मौलाना अतीक, सरताज मंसूरी, हाजी फारूक खान, हाफिज फराज, निसार आदि मौजूद रहे।