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आधी आबादी को चाहिए रोजगार और बेहतर शिक्षा व्यवस्था

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शाहजहांपुर। रविवार को अमर उजाला की ओर से आयोजित वर्चुअल संवाद में शिक्षा, बेरोजगारी, जाम और जर्जर सड़कों का मुद्दा छाया रहा। आधी आबादी ने महानगर बनने के बाद भी व्यवस्थाएं बेहतर न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाएं इस बार ऐसे उम्मीदवार को वोट देंगी, जो जनता के हितों का ख्याल रखकर उनकी समस्याओं को दूर कराए। पार्टी कोई भी हो, पर उम्मीदों पर खरा उतरना बेहद जरूरी है।
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युवाओं को नौकरी देने वाली बनाएंगे सरकार
-वर्तमान में बेरोजगारी सबसे ज्यादा है। इतनी मेहनत करने के बाद भी युवाओं को नौकरी नहीं मिल पाती है। बेरोजगारी को दूर करने वाली सरकार को बनाने की जरूरत है। जो पात्र हैं, उन्हें सरकारी नौकरी मिलना चाहिए। इस बार सोच-समझकर वोट डाला जाएगा, जिससे बेहतर व्यक्ति को चुनन सकें। -शुभी गुप्ता, मोहम्मद जई।
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शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने की जरूरत
-दो साल से स्कूल बंद पड़े हैं। शिक्षा की व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी हैं। ऑनलाइन से ऑफलाइन क्लास वाली बात नहीं आ पाती है। ऐसे में शिक्षा का स्तर काफी नीचे आ रहा है। पटरी से उतर चुकी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाए जाने की जरूरत है। सरकार कोई भी हो, पर शिक्षा का स्तर ऊंचा करने के लिए काम करने वाली बनाएंगे। -दीप माला रस्तोगी चौक
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स्कूल खोलने में कोरोना का डर दिखा रहे
-बच्चों के बार-बार स्कूल बंद कर दिए जाते हैं। सरकार बाकी सारे काम करा रही है, पर बच्चों की शिक्षा के नाम पर कोरोना का डर दिखाया जा रहा। लगातार स्कूल बंद रहने से बच्चों का शैक्षिक स्तर डाउन हो रहा। बेरोजगारी ने सारे रिकार्ड टूट गए हैं। कोई भी परीक्षा हो, उसका पेपर लीक हो जाता है। युवाओं को रोजगार देने की जरूरत है। -रिया श्रीवास्तव, मोहम्मद जई
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सड़कें खराब, पाइप लाइन टूटी, कैसे महानगर कहें
-शहर को महानगर का दर्जा जरूर दे दिया गया, पर सड़कें खराब हैं। पाइप लाइन टूटी पड़ी है। ऐसे में कैसे महानगर कहा जाए। इस बार ऐसे विधायक को चुनेंगे जो काम करने वाला हो। शहर को अपना परिवार समझकर काम करें। लोगों की समस्याओं को खत्म कर सकें। शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने के लिए काम करने वाले को वोट देंगे। -स्तुति रस्तोगी, सदर बाजार
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सड़कों पर भर जाता पानी, निकलना मुश्किल
-शहर की सड़कों और गलियों की हालत काफी ज्यादा खराब है। पाइप लाइन के नाम पर सड़कें खोदकर डाल दी जाती है। उसमें पानी भरने से लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं। वहीं जब वीआईपी कार्यक्रम लगता है तो यही सड़कें रातों-रात बनाकर तैयार कर दी जाती है। नगर निगम तो बना दिया, पर सड़कों की हालत में सुधार किया जाए। -आकांक्षा मिश्रा, बक्सरिया
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जाति के आधार पर नौकरी की व्यवस्था बंद हो
-हर प्रतियोगी परीक्षा में जाति देखकर नंबरों के आधार पर नौकरी देने की व्यवस्था खत्म की जाए। जनरल वर्ग के छात्र हमेशा ही इस व्यवस्था में पिसते हैं। सरकार कोई भी बने। इस समस्या का समाधान होना चाहिए। जिससे बेरोजगारों को नौकरी की समस्या का समाधान हो सकें। युवाओं के सामने यह सबसे बड़ी समस्या है। -मीनाक्षी मोहल्ला आफरीदी
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कागजों में बना दिया नगर निगम
-शहर की स्थिति काफी ज्यादा खराब है। कोई ऐसी इंडस्ट्रीज नहीं लगी। जिससे युवाओं को नौकरी मिल सके। सड़कें खराब हैं। बिजली के पोल जर्जर हालत में हैं। वह हवा का एक झोंका सहन नहीं कर पाएंगे। नगर को सिर्फ कागजों में महानगर का दर्जा दे दिया गया। इस बार ऐसे विधायक को चुनेंगे जो जनता के हित में काम करें। - कीर्ति सक्सेना, रोशनगंज।
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भ्रष्टाचार को खत्म किया जाए
-विधायक बेसिक जरूरतों को पूरा करने वाला होना चाहिए। वर्तमान में हम जितना कमाते हैं। उसमें अधिकतर तो टैक्स का निकल जाता है। सरकारी कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है। छोटा काम भी बिना सुविधा शुल्क के नहीं होता है। यह खत्म होना चाहिए। व्यवस्था को पारदर्शी बनाए जाने की जरूरत है। जिससे आमजन को राहत मिल सके। - पूजा मिश्रा, चमकनी
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जाम सबसे बड़ी समस्या
-शहर में जाम की सबसे बड़ी समस्या है। जिधर से निकले, उधर जाम में फंसना पड़ता है। कई सरकारें आईं और चलीं गईं, पर जाम की दिक्कत का समाधान नहीं निकल पाया। प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण होना चाहिए। इससे लोगों को जाम से निजात मिलेगी और आवागमन भी सुलभ हो सकेगा। इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। चारु अग्निहोत्री, बक्सरिया
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गली में गंदगी से लोग काफी परेशान
=मेरी गली में भैंसों के गोबर के कारण निकलना मुश्किल है। दुर्गंध से लोग परेशान रहते हैं। जब सीएम का इस साइड आगमन हुआ था। तब रातों-रात सड़कों को बेहतर कर दिया गया था। अब कोई अधिकारी झांकने वाला तक नहीं है। गंदगी के कारण पूरे मोहल्ले के लोग परेशान हैं। इस समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा। - मानसी रोहरा, मोहल्ला आफरीदी
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