कुर्रियाकलां में शुक्रवार को रासलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
कुर्रियाकलां। वृंदावन से आए श्री प्रहलाद महाराज रासलीला संस्थान के कलाकारों ने शुक्रवार को गांव के शनि मंदिर में आयोजित रासलीला में भक्त चंद्रहास की लीला का भावपूर्ण मंचन किया। देव स्वरूपों की विभिन्न झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। कलाकारों ने दर्शाया कि एक बार शनिदेव महाराज और लक्ष्मी जी में बहस हो गई कि कौन ज्यादा बलवान है। खुद को बलवान प्रमाणित करने के लिए दोनों लोग कुंतन नरेश के यहां जाते हैं। वहां शनिदेव राजा कुंतन और उनकी रानी को मार डालते हैं। इस बीच लक्ष्मी जी राजा कुंतन के पुत्र चंद्रहास को लेकर चली जाती हैं और शनिदेव की पुत्री विधिमा से उनका विवाह करा देती हैं। इससे नाराज शनिदेव चंद्रहास को मारना चाहते हैं, किंतु लक्ष्मी जी शनिदेव को युद्ध में पराजित कर चंद्रहास को बचा लेती हैं। अंत में शनिदेव लक्ष्मी जी के चरणों में गिरकर क्षमा मांगते हैं। मंचन की व्यवस्था में संजीव सिंह, रामप्रकाश चौहान, सुरेंद्र सिंह, अभय सिंह, प्रताप सिंह आदि का सहयोग रहा। संवाद