शाहजहांपुर। बारिश के साथ आंधी आने पर बिजली निगम को डेढ़ से पौने दो करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन लिया गया है। तेज हवा के झोंकों से 150 से अधिक बिजली के पोल टूटे हैं। इनकी संख्या बढ़ सकती है। वहीं दूसरे दिन भी ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति शत प्रतिशत बहाल नहीं हो सकी है।
शनिवार की रात सवा 11 बजे आंधी-बारिश से पोल, तार टूटने, जंपर जलने, इंसुलेटर फुंकने से शहरी से लेकर देहात तक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। अधिकारियों ने नगर की आपूर्ति रविवार रात तक बहाल करा दी थी, पर देहात के कुछ इलाकों की सप्लाई सोमवार शाम तक नहीं आ सकी है।
जमौर और आवास विकास उपकेंद्र के 87 बिजली के पोल टूटने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। शाम तक उमरगंज, सहबेगपुर, इंडियन ऑयल आदि से गांवों में आपूर्ति नहीं दी जा सकी। वहीं नवादा इंदेपुर गांव में शाम करीब पांच बजे बिजली आने से लाेगों ने राहत की सांस ली है।
इसके अतिरिक्त अटसलिया, मदनापुर आदि उपकेंद्रों की लाइनों पर काम किया गया। पोस्टमार्टम हाउस पर भी बिजली नहीं आने से कर्मचारी परेशान रहे। एक्सईएन ग्रामीण केएन पांडेय ने बताया कि 25 पोल को लगा दिया है। शेष को लगाने का काम चल रहा है।
-पोल टूटने से करीब डेढ़ से पौने दो करोड़ का नुकसान हुआ है। अधिकतर जगहों पर आपूर्ति को बहाल कर दिया गया है। शेष जगहों पर कार्य चल रहा है।
जेपी वर्मा, अधीक्षण अभियंता।
किसानों ने टीजी-टू व एसएसओ को धूप में बैठाया
निगोही। भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट ने भीषण गर्मी में ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती होने पर नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। इस बीच टीजी-टू सुनील कुमार व एसएसओ लक्ष्मण सिंह को आधा घंटे तक धूप में बैठाते हुए नारेबाजी की।
मंडल महासचिव देवेंद्र पाल सिंह के नेतृत्व में किसान नारेबाजी करते हुए विद्युत उपकेंद्र पर पहुंचे। इस बीच अपने साथ कर्मचारियों को धूप में बैठाकर विरोध जताया। ज्ञापन देकर बताया कि विद्युतकर्मियों द्वारा रोस्टर के हिसाब से बिजली नहीं देकर मनमानी की जा रही है। हर दस मिनट के बाद शटडाउन के नाम पर आपूर्ति बंद कर देते हैं। इससे भीषण गर्मी में फसल सूख रही है। किसानों ने एक्सईएन से पूरी आपूर्ति देने की मांग की। संवाद
पैनल बदलने के चलते सात घंटे गुल रही बिजली
कांट। विद्युत उपकेंद्र पर पुराने पैनलों को हटाकर नए लगाने की वजह से सात घंटे विद्युत आपूर्ति बाधित रही। इससे लोगों को भीषण गर्मी में परेशान होना पड़ा। सोमवार सुबह करीब दस बजे शटडाउन लेकर काम को शुरू किया गया। गर्मी से बचने के लिए लोग पेड़ों के नीचे बैठे नजर आएं। बिजली आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। संवाद