शाहजहांपुर में एक विद्युत उपकेंद्र पर काम करते कर्मचारी। स्त्रोत-जागरुक पाठक
शाहजहांपुर। प्रदेश की चार बिजली उत्पादन इकाइयों में गड़बड़ी आने का असर जिले के ग्रामीण इलाकों पर बड़े पैमाने पर पड़ रहा है। बिजली कटौती ने दो दिन से लोगों का सुकून छीन लिया। गर्मी में तहसील स्तर पर तीन और ग्रामीण स्तर पर पांच घंटे बिजली कटौती का दावा किया जा रहा है। जबकि तस्वीर इसके विपरीत है। दो दिन से बिजली गुल हाेने व लोकल फाल्ट से ग्रामीण इलाके के लोग हलकान हैं। पेयजल संकट के साथ किसानों की फसल की सिंचाई व लघु उद्योग धंधे चौपट हो गए हैं।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड से नगरीय क्षेत्र में 24 घंटे, तहसील में 21 और ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे तक बिजली देने का शेड्यूल तय है। नगरीय क्षेत्र में लोकल फाल्ट को छोड़ दें तो पर्याप्त आपूर्ति मिल रही है, लेकिन रविवार से ग्रामीण इलाकों के लोगों का हाल काफी ज्यादा खराब हो गया। पहले से बिजली फाल्ट के चलते परेशान उपभोक्ताओं को सरकारी रिकार्ड में काफी कम बिजली मिल रही है। विद्युत पारेषण केंद्र के अधिशासी अभियंता मोहित श्रीवास्तव बताते हैं कि सोमवार को तहसील क्षेत्र में 18, ग्रामीण क्षेत्रों में 13 घंटे बिजली की आपूर्ति की गई। इतने बड़े पैमाने पर लगातार बिजली गुल हाेने से लोगों को काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।