निदेशालय स्तर पर लंबित पांच सूत्री मांगों को पूरा नहीं किए जाने से नाराज बिजली विभाग के नियमित और संविदा श्रेणी के कर्मचारियों ने विद्युत संविदा मजदूर संगठन के प्रांतीय आह्वान पर शनिवार को जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। वहीं पर धरना दिया। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट विजय शंकर दुबे को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर मांगें स्वीकार नहीं किए जाने की दशा में आंदोलन तेज कर देने की चेतावनी दी। पॉवर कारपोरेशन में विभागीय संविदा लागू किए जाने, जनवरी 2005 तक सेवा में आने वाले स्टाफ को पेंशन लाभ दिए जाने आदि मांगों को लेकर विद्युत संविदा मजदूर संगठन के आह्वान पर गत वर्ष दस फरवरी को बिजली कर्मियों ने लखनऊ में शक्ति भवन मुख्यालय पर प्रदर्शन किया, लेकिन उस वक्त उन पर सरकार ने लाठीचार्ज करा दिया। तब से प्रांतीय पदाधिकारियों की प्रबंध निदेशक से कई बार वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन मांगों का निस्तारण नहीं किया गया। इसी के विरोध में प्रांतीय नेतृत्व ने चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत की। इसी कड़ी में शनिवार को बिजली कर्मचारी जेल रोड के सर्किल ऑफिस में जमा हुए और वहां से नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। इस मौके पर संगठन के जोनल अध्यक्ष नवल किशोर सक्सेना ने कहा कि जायज मांगों को अटकाकर उच्चाधिकारी श्रमिक अशांति का माहौल पैदा करने पर तुले हैं। धरना-प्रदर्शन में मो. रफी, राजेश कुमार, शारदा प्रसाद त्रिवेदी, अशोक सक्सेना, खुर्शीद आलम, साबिर खां, दीपक श्रीवास्तव, मनोज सक्सेना, अशोक पाल आदि ने कर्मचारियों का नेतृत्व किया।