लखीमपुर खीरी। पेट्रोल डालकर भाई को जिंदा जलाने के 18 साल पुराने मामले में मंगलवार को एडीजे चिंताराम ने दोषी को आठ साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, जबकि चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी संदीप मिश्र ने बताया कि धौरहरा थाना क्षेत्र के गांव लालापुर निवासी मगरे 19 सितंबर 2015 की शाम 5:00 बजे अपनी गाय की गर्दन में बतेला डालकर आग लगाने जा रहा था। छोटे भाई राजू ने ऐसा करने से रोका तो मगरे उससे उलझ गया और हाथापाई के बाद बाल्टी में पेट्रोल ले आया और राजू पर पेट्रोल उड़ेलकर उसको आग लगा दी।
इस दौरान गांव का ही खुशीराम भी बीच बचाव के दौरान झुलस गया था। उधर, बुरी तरह झुलसे राजू की अगले ही दिन इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जबकि इलाज के बाद खुशीराम ठीक हो गया था। 18 साल चली अदालती सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से पिता चंद्रभाल समेत कई गवाहों के बयान दर्ज कराए गए थे। मामले में एडीजे चिंताराम ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए भाई मगरे को आठ साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।