शाहजहांपुर। नवम अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रमोहन चतुर्वेदी ने पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमले के मुकदमे में पिता, उसके तीन पुत्रों समेत आठ दोषियों को आठ-आठ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 9500-9500 रुपये जुर्माना भी लगाया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार निगोही थाना प्रभारी यतेंद्र बाबू भारद्वाज ने 25 फरवरी 2013 को रिपोर्ट लिखाई थी कि 24 फरवरी को वह पुलिस बल के साथ गश्त पर थे। तिलहर रोड पर गांव बिरासिन के पास पहुंचे तो मुखबिर ने सूचना दी कि एक पिकअप गाड़ी में असलहे लिए आठ-नौ लोग गांव सकतेपुर में किसी से बदला लेने जा रहे हैं। पुलिस ने पिकअप को रोकने का इशारा किया तो उन लोगों ने फायर कर दिया। पुलिस ने तिलहर के गांव जनिडरी निवासी बाबूराम, उसके बेटे हरिश्चंद्र, गयाप्रसाद, सत्यवीर के अलावा सुखलाल, रामऔतार, रामप्रसाद, खुशीराम और गांव हस्तनापुर के रामगुलाम को पकड़ लिया। उनके पास से नाजायज असलहे बरामद कर लिए। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील संतोष कुमार त्रिवेदी के तर्कों को सुनने के बाद हरिश्चंद्र, गयाप्रसाद, सत्यवीर, बाबूराम, सुखलाल, रामऔतार, रामप्रसाद, खुशीराम को दोषी पाते हुए आठ-आठ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। रामगुलाम की मौत दौरान-ए-मुकदमा हो गई थी।