परौर क्षेत्र के नारायण नगर गांव किनारे कटान करती रामगंगा। संवाद
शाहजहांपुर/मिर्जापुर/परौर। दो दिन से हो रही बारिश और बैराजों से अतिरिक्त पानी की निकासी बढ़ने से गंगा और रामगंगा में फिर से जलस्तर बढ़ने लगा है। कलान क्षेत्र के भैंसार बांध पर 24 घंटे में गंगा का जलस्तर 50 सेमी बढ़कर 143 मीटर हो गया। फर्रुखाबाद जिले की सीमा में शमशाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे फिर जलमग्न होने लगा है। रामगंगा भी सात सेमी बढ़ जाने से मिर्जापुर व परौर क्षेत्र में नदियों के तटवर्ती करीब एक दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष को शुक्रवार सुबह मिली सूचनाओं के अनुसार नरौरा बैराज से गंगा में एक लाख सात हजार 417 क्यूसेक पानी की निकासी बीते 48 घंटे से जारी है। बताया कि नरौरा से शुक्रवार सुबह निकला पानी यहां पहुंचने में 36 से 48 घंटे लेगा। गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी रहेगी। बरेली के चौबारी घाट पर बढ़ रही रामगंगा फिलहाल 159.40 मीटर पर बह रही है। जिले में दोनों नदियां देर रात से बढ़ना शुरू हुईं और सुबह से ही तटीय क्षेत्रों में बाए़ से हालात बिगड़ने लगे हैं।
मिर्जापुर क्षेत्र में शमशाबाद-जलालाबाद स्टेट हाईवे चौरा ढाई गांव के पास पानी बढ़ने लगा है। हाईवे का यह हिस्सा फर्रुखाबाद जिले की सीमा में आता है। शाम चार बजे तक हाईवे पर दो किमी हिस्से में एक फुट पानी आ चुका है। इसके बावजूद बाइक समेत सभी वाहन हाईवे के डूबे हिस्से से निकलते रहे, लेकिन रात में पानी बढ़ा तो हाईवे के आसपास बसे करीब दो दर्जन गांवों में आवागमन प्रभावित हो जाएगा। क्षेत्र में गंगा के किनारे बसे पैलानी उत्तरी, इस्लामनगर, आजादनगर, नगला बसोला, कमथरी, चितार आदि गांवों की ओर गंगा बह रही है। उधर, परौर क्षेत्र में रामगंगा के तटीय गांव मोहनपुर, नारायणनगर, बिचपूरी और दहेलिया के ग्रामीणों को बाढ़ के साथ भूमि कटान की चिंता सता रही है।
परौर क्षेत्र के नारायण नगर गांव किनारे कटान करती रामगंगा। संवाद