निगोही। कस्बे के मुख्य मार्ग पर पानी निकासी की बगैर व्यवस्था किए नाला विद्युत निगम ने नाला बंद कर दिया। ऐसे में अब सड़कों पर जलजमाव हो गया है। गंदे पानी में मच्छर पनपने की आशंका है। राहगीरों को भी निकलने में परेशानी हो रही है।
मोहल्ला आजादनगर और अब्दुल कलाम नगर का गंदा पानी क्षेत्र पंचायत निगोही की ओर से निर्मित हाइडिल के अंदर से लगभग दस सालों से निकल कर बारहराना तालाब में जाता है। कुछ समय पहले अधिशाषी अभियंता विद्युत ने हाइडिल में नए निर्माण कराए जाने के लिए नाले वाले स्थान को चिह्नित कर वहां मिट्टी डलवा दी।
ऐसे में नाला बंद कर दिया गया। इससे घरों से निकलने वाला गंदा पानी को तालाब तक जाने के लिए कोई निकास नहीं बचा। कई दिनों से पानी सड़क पर बह रहा है। समस्या से निजात दिलाने के लिए मोहल्ले वालों ने कई बार नगर पंचायत के अधिकारियों से जल निकासी की गुहार लगाई।
हर बार आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं मिला। ऐसे में गंदगी की वजह से बढ़ते मच्छरों के कारण बीमारी फैलने का डर बना हुआ है।
जलजमाव और गंदगी के चलते उठने वाली बदबू ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
- ममता शर्मा
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि जलभराव की समस्या से निजात दिलाई जाएगी। मच्छरों का प्रकोप मोहल्ले वाले को परेशान कर रहा है। - बालक राम यादव, सेवानिवृत शिक्षक
मौके पर जाकर जलभराव की स्थिति को देखा था। अधिशाषी अभियंता विद्युत से बात करके जल्द ही समस्या का समाधान करवाया जाएगा। - अभिषेक प्रताप सिंह, प्रभारी ईओ, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट
हाइडिल की अपनी जगह है। वहां पर अतिरिक्त कक्ष का निर्माण होना है। इसके लिए नाला बंद करवाना पड़ा। नगर पंचायत को दूसरी जगह से नाला निकालना चाहिए।
- केएन पांडेय, अधिशाषी अभियंता विद्युत
जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए अधिकारियों से बात चल रही है। जल्दी ही समाधान करवाया जाएगा, जिससे लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
- मनोज कुमार वर्मा, अध्यक्ष, नगर पंचायत
निगोही में नाला बंद होने की वजह से सड़क पर भरा पानी। संवाद- फोटो : रुद्रपुर मेडिकल काॅलेज में निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर ब्लाॅक का निरीक्षण करते प्राचार्य डॉ केदार सिंह शाही। संवाद
निगोही में नाला बंद होने की वजह से सड़क पर भरा पानी। संवाद- फोटो : रुद्रपुर मेडिकल काॅलेज में निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर ब्लाॅक का निरीक्षण करते प्राचार्य डॉ केदार सिंह शाही। संवाद