शाहजहांपुर। ग्लेरिंग पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने सोमवार को रोजा थाने का भ्रमण किया। थाना प्रभारी केबी सिंह ने उन्हें बताया कि पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है। पुलिस को वह अपने मित्र की तरह कोई परेशानी व समाज में हो रहे गलत कामों के बारे में बेझिझक बता सकते हैं। छात्रा सबा मंसूरी ने कुछ देर थाना प्रभारी की सीट संभाली।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित थाना भ्रमण कार्यक्रम के तहत करीब 25 छात्र-छात्राएं पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे थाने पहुंचे। थाने के अंदर कदम रखने से पहले असहज महसूस कर रहे छात्र-छात्राओं को महिला सिपाहियों ने अंदर बुलाया। सभी को पंक्तिबद्ध खड़ा कर उनसे परिचय प्राप्त किया। थाना प्रभारी केबी सिंह ने छात्र-छात्राओं से पढ़ाई के बारे में जानकारी कर पहले उनकी हिचक खत्म की। इसके बाद उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में बताया। कहा कि जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस 24 घंटे सक्रिय रहती है। थाना परिसर ऐसा कार्यालय है जहां कोई छुट्टी नहीं होती। इस वजह से पुलिस से डरना नहीं चाहिए बल्कि सहयोग लेना और देना चाहिए। उन्होंने साइबर अपराध से बचने के टिप्स भी दिए। कहा कि किसी ऑफर के चक्कर में न फंसे।
इस बीच कक्षा नौ की छात्रा सबा मंसूरी ने थाना प्रभारी की सीट संभाली। सबा ने कहा कि वह भी बड़े होकर पुलिस में जाएंगी। छात्र-छात्राओं ने महिला हेल्प डेस्क का भ्रमण किया। उन्हें हेल्पलाइन नंबरों को जानकारी दी गई। मैस, हवालात, पिंक रूम आदि को देखा और कार्यप्रणाली समझी। सेवानिवृत्त एसआई सीपी श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को मोबाइल से दूरी बनाने और किताबों से प्रेम की सीख दी। इस मौके पर अतुल सिंह, महिमा शर्मा और अंतिमा गौतम आदि मौजूद रहीं।
छात्र-छात्राओं ने ये पूछे सवाल
प्रश्न : महिला अपराध रोकने के लिए पुलिस क्या प्रयास करती है?
उत्तर : महिला संबंधी अपराध पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है।
प्रश्न : डॉयल 112 से क्या फायदे हैं?
उत्तर : कॉल पहुंचने के दस मिनट के अंदर पुलिस सहायता के लिए पहुंचेगी।
प्रश्न : रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए क्या करें?
उत्तर : थाने जाने के साथ ही ऑनलाइन रिपोर्ट भी दर्ज करा सकते हैं।
प्रश्न : महिला अपराध होने पर कौन शिकायत सुनता है?
उत्तर : महिलाओं के लिए हर थाने में अलग हेल्प डेस्क स्थापित की गई है।