शाहजहांपुर। कॅरिअर काउंसलर स्वप्निल यादव ने दसवीं या बारहवीं में कम अंक आने पर छात्र-छात्राओं को मायूस नहीं होने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि अधिक नंबर कोई मायने नहीं रखते हैं। छह महीने की पढ़ाई में तैयारी का ग्राफ बदल जाता है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी अभी से कर सकते हैं। अन्यथा डिप्लोमा में डी-फार्मा, बी-फार्मा कर सकते हैं। तीन साल स्नातक कर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी शुरू कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि बारहवीं में नंबर कम आना मायने नहीं रखता है। द्वितीय श्रेणी में पास हाेने वाले भी आईएएस और पीसीएस बने हैं। संवाद