शाहजहांपुर। जन्म के आठ महीने के बाद बच्ची के असली वारिस को लेकर मची खींचतान जांच का विषय बन गई। युवती ने अस्पताल से बच्चा चोरी होने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। वहीं, बच्ची को पाल रही महिला की ओर से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया है। पुलिस बच्ची का डीएनए टेस्ट कराएगी।
चौक कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले की युवती ने 29 जनवरी 2022 को एक नर्सिग होम में बच्ची को जन्म दिया था। उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया था। तभी युवती का परिचित बनकर आए रितेश, गुड्डू, ब्रजेश, अरविंद व अज्ञात लोगों ने बच्ची को उठा लिया। बच्ची को गायब करने के बाद हुंडालखेल निवासी धर्मपाल प्रजापति को दे दिया था। युवती की हालत में सुधार होने के बाद उसने बच्ची को तलाश करना शुरू किया। सुराग लगाते हुए धर्मपाल प्रजापति के घर पहुंच गई। उसने बच्ची देने से इन्कार कर दिया। तब मामला थाने पर पहुंचा।
दूसरा पक्ष भी थाने पर पहुंच गया। पुलिस काफी प्रयास करने के बाद भी बच्ची को लेकर कोई हल नहीं निकाल पाई। इसके बाद पुलिस ने युवती की तहरीर पर रितेश, गुड्डू, अरविंद, धर्मपाल प्रजापति, उनकी पत्नी व कुछ अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कर लिया। वहीं, दूसरी तरफ हद्दफ निवासी धर्मपाल प्रजापति की सास ऊषा देवी ने केस दर्ज कराया कि बच्ची उन्हें कूड़े में पड़ी मिली। युवती व उसके साथी पांच लाख रुपये की रंगदारी मांग रहे हैं। पुलिस ने दोनों ओर से केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच सीओ सिटी अखंड प्रताप सिंह को सौपी गई है। बच्ची के असली वारिस की पहचान के लिए पुलिस डीएनए टेस्ट कराने की तैयारी में है। उसके लिए पहले वादी युवती के बयान होंगे। फिर कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर डीएनए टेस्ट की अनुमति ली जाएगी।
मामले की जांच चल रही है। डीएनए टेस्ट के बिना बच्ची की असली मां का पता लगना संभव नहीं है। अदालत की अनुमति के बाद डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। -अखंड प्रताप सिंह, सीओ सिटी