शाहजहांपुर। मिट्टी मिला गेहूं बांटे जाने के मामले में एफआईआर के लिए शासन के निर्देश का इंतजार किया जा रहा है। डीएम ने कोटेदारों को निर्देशित किया है कि मिलावटी खाद्यान्न आने पर उसे वितरित न करें। अधिकारियों को जानकारी दें और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न ही बंटवाएं।
सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली के तहत बांटे जाने वाले गेहूं में मिट्टी मिलाकर वितरित कराए जाने की शिकायत आने पर डीएम ने टीम बनाकर जांच कराई थी। मामले में सामने आया था कि विपणन विभाग और एफसीआई कर्मचारियों की लापरवाही से अखाद्य गेहूं कोटेदारों तक पहुंच गया था। कोटेदारों ने काफी मात्रा में खाद्यान्न बंटवा भी दिया था। डीएम ने जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद को पत्र भेजा था। इसके बाद विपणन विभाग के तीन निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया था।
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि एफसीआई से कोटेदारों तक पहुंचने वाले राशन की गुणवत्ता को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोटेदारों तक गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न पहुंचे। इसके बावजूद अगर किसी कोटेदार के पास मिलावटी खाद्यान्न पहुंचता है तो वह वितरण करने की बजाय रोक दे। अधिकारियों को सूचित करे। मामले की जांच कराई जाएगी। उपभोक्ता तक गुणवत्तापूर्ण राशन ही पहुंचना चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
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एफआईआर के लिए निर्देश का इंतजार
शनिवार को शासन से आई टीम ने भी एफसीआई के गोदाम में पहुंचकर जांच की थी। कोटेदारों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए थे। टीम अपनी रिपोर्ट खाद्य आयुक्त को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।