विकास भवन सभागार में जिला पंचायत की बजट बैठक में चर्चा करते वित्त-मंत्री सुरेश खन्ना व जिला पंच
शाहजहांपुर। जिला पंचायत बोर्ड की शनिवार को विकास सभागार में बैठक हुई, जिसमें नए वित्त वर्ष में निर्माण एवं विकास से जुड़े कार्याें के लिए 50 करोड़ 39 लाख 46 हजार 345 रुपये के अनुमानित बजट को मंजूरी दी गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों और जिला पंचायत सदस्यों ने अपनी समस्याओं को उठाया। वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना भी बैठक में शामिल हुए।
जिला पंचायत अध्यक्ष ममता यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक की शुरुआत में अपर मुख्य अधिकारी संतोष कुमार ने पिछले वित्त वर्ष में आय-व्यय का लेखा-जोखा सदन पटल पर रखा। बाद में वर्ष 2023-2024 के पुनरीक्षित 77 करोड़ 35 लाख 76 हजार 60 रुपये का बजट और वित्तीय वर्ष 2024-25 के 50.39 करोड़ के अनुमानित बजट को प्रस्तुत किया। इसे सर्वसम्मति से स्वीकृति मिल गई। इस दौरान विधायकों और जिला पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों के प्रस्तावों पर अब तक हुए कामों की स्थिति का विवरण दिया।
स्कूल में शिक्षकों को तैनात करने की मांग
पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद के प्रतिनिधि विनीत मिश्रा ने बैठक में कहा कि ददरौल क्षेत्र के सहबेगपुर जूनियर हाईस्कूल में 18 से 19 शिक्षक तैनात हैं। जबकि, कांट क्षेत्र के गांव गोपालपुर ठठियुरा गांव के प्राथमिक स्कूल में एक भी शिक्षक तैनात नहीं हैं। इसकी वजह से स्कूल बंद रहता है। इस पर बीएसए रणवीर सिंह ने बताया कि तबादला निदेशालय से हो सकता है। विनीत मिश्रा की बात का जलालाबाद विधायक हरिप्रकाश वर्मा, कटरा विधायक वीर विक्रम सिंह प्रिंस व तिलहर विधायक सलोना कुशवाहा ने भी समर्थन किया। वित्त मंत्री ने बीएसए को निर्देश दिए कि स्कूलों की सूची बनाकर दें कि किस विद्यालय में कितने शिक्षक तैनात हैं। बच्चों की संख्या के आधार पर शिक्षकों की तैनाती की जाए। इस मामले में वह शासन से बात करेंगे। जिला पंचायत सदस्य कुसुम मिश्रा के प्रतिनिधि नीरज मिश्रा ने ब्लॉक कांट के कई गांवों में घर-घर पेयजल योजना के तहत खोदी गई सड़कों को ठीक कराने की मांग की। साथ ही कांट और कुर्रियाकलां में राजकीय पुस्तकालय बनाने की मांग रखी जिससे गांव के बच्चे भी अच्छे ढंग से पढ़ सकें।
बिजली निगम की सबसे ज्यादा शिकायतें
जिला पंचायत की बैठक में जिला पंचायत सदस्यों ने कई समस्याएं उठाईं। डीसी मनरेगा पर अनियमिताओं का आरोप लगाया गया। इसके अलावा जिला पंचायत की भूमि को चिह्नित कर अतिक्रमण से मुक्त कराने का निर्देश दिया गया। सदस्यों ने ढाईघाट मेला को अपने जिले की पुलिस से संचालित करने मांग की। सबसे ज्यादा शिकायतें बिजली निगम से जुड़ी रहीं। विधायक हरिप्रकाश वर्मा ने बिजली समस्या पर नाराजगी जताई। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जनप्रतिनिधियों को नसीहत दी कि प्रकृति का नियम है कि जैसा बोओगे, वैसा ही काटोगे। इसलिए हमें विकास की राजनीति करनी चाहिए।