शाहजहांपुर। शासन के निर्देश के बाद जिले के मदरसों का सर्वे कराने की तैयारी है। एसडीएम व डीएमओ ने पंजीकृत मदरसों का सारा ब्यौरा तलब किया है। अब टीम अपने स्तर से 12 बिंदुओं पर जांच कर उच्च स्तरीय अधिकारियों को रिपोर्ट भेजेगी।
जिले में 176 मदरसे अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय से पंजीकृत हैं। इसमें पांच अनुदानित हैं। 101 आधुनिक मदरसे हैं, जबकि 70 मदरसे अपनी व्यवस्थाओं से संचालित हो रहे हैं। इन मदरसों में दीनी के साथ दुनियावी तालीम भी दी जाती है। मदरसों में शिक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत को परखने के लिए शासन ने 12 बिंदुओं पर जांच कराए जाने के निर्देश दिए हैं। शासन से एसडीएम, बीएसए और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की टीम बनाई गई है। मदरसों के सर्वे के लिए एसडीएम व डीएमओ ने अपने स्तर से कार्य शुरू करते हुए ब्यौरा तलब किया है। एसडीएम ने लेखपालों को मदरसों की रिपोर्ट बनाने के लिए लगाया है। इसी तरह डीएमओ ने मदरसों को पत्र जारी कर डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों के पास मदरसों की लोकेशन पहुंच गई है।
गली-कूंचों और मस्जिदों में चल रहे बिना मान्यता के मदरसे
शहर से लेकर गांव-देहात तक बड़े पैमाने पर मदरसों का संचालन किया जा रहा है। इन मदरसों को डीएमओ कार्यालय में पंजीकृत नहीं कराया गया। मस्जिदों में भी तमाम मदरसों का संचालन किया जा रहा है।
ये हैं सर्वे के बिंदु
मदरसे का नाम, संचालित करने वाली संस्था, स्थापना का वर्ष, स्थिति का संपूर्ण विवरण, भवन छात्र-छात्राओं के लिए उपयोगी है या नहीं, छात्र संख्या, कुल शिक्षकों की संख्या, लागू पाठ्यक्रम, आय का जरिया, क्या इन मदरसों में पढ़ रहे छात्र-छात्राएं किसी अन्य शिक्षण संस्थान स्कूल में नामांकित है ? क्या किसी गैर सरकारी संस्था या समूह में मदरसे की संबद्धता है।
मदरसों के सर्वे की तैयारी पूरी हो गई है। मदरसों के संचालकों को शासन की योजनाओं से अवगत कराने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। 70 मदरसे अपनी व्यवस्थाओं से चल रहे हैं। सर्वे में अन्य मदरसे भी निकलकर आएंगे। उन्हें सरकार लाभ देने का काम करेगी। - मोहम्मद खालिद, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी