बंडा। बाबूपुर गांव में वागीशनाथ दीक्षित और सर्वेश शुक्ला के बीच एक माह में चार बार विवाद हुआ था। दो बार तो मामला थाने तक पहुंचा। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच राजीनामा करा दिया। गांव के गणमान्य लोगों ने भी उनके बीच विवाद शांत कराया, लेकिन मंगलवार को वर्चस्व को लेकर खूनखराबा हो गया।
गांव में वागीशनाथ और सर्वेश शुक्ला के मकान का निकास पूरब दिशा की ओर है। सर्वेश के भाई उमेश का निकास बागीशनाथ की जगह के किनारे से है। वागीश अपनी नाली को आरोपियों के दरवाजे के सामने से निकालना चाहते थे। उमेश इसका विरोध कर रहा था। एक महीने पहले विवाद होने पर मामला थाने तक पहुंचा था। पुलिस ने दोनों पक्षों में राजीनामा करा दिया था। 15 दिन पहले फिर विवाद हुआ। इस पर पुलिस ने उमेश व सर्वेश का रास्ता निकलवा दिया था, लेकिन नाली के विवाद का हल नहीं निकल सका था। सर्वेश का कहना था कि उसके मकान के रास्ते की जगह छोड़कर अपनी जगह में नाली बना ली जाए। इसे लेकर दोनों के बीच दुश्मनी बढ़ती गई।
मंगलवार सुबह नौ बजे वागीशनाथ ने नाली का निर्माण कराना शुरू किया। तभी दूसरे पक्ष ने हमला कर दिया। करीब 14 लोगों के अचानक से लाठी-डंडे, लोहे की रॉड आदि लेकर हमला करने से वागीश पक्ष के लोग संभल नहीं सके। आरोप है कि सर्वेश के भाई मुकेश ने तमंचे से फायर कर दिया। गोली वागीश के सीने में लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी पत्नी मीरा देवी, भाई प्रमोद कुमार, पुत्र आदेश, साला पिंटू निवासी ग्राम बितौनी थाना पुवायां को भी गंभीर चोटें आई हैं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया। डॉक्टर ने वागीश को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद एसपी देहात मनोज अवस्थी ने सीएचसी पर पहुंचकर घायलों से जानकारी ली। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण भी किया।
तीन थानों से भारी पुलिस बल पहुंचा
-खूनी संघर्ष की सूचना के बाद पुवायां इंस्पेक्टर हरपाल सिंह बालियान, खुटार प्रभारी संजय कुमार बंडा पहुंच गए। फोर्स ने बंडा सीएचसी पर जानकारी ली। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। आराेपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
मृतक के बेटे ने आरोपियों के खिलाफ दी तहरीर
-मृतक के पुत्र दीपक कुमार ने पांच लोगों के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। दीपक के अनुसार, उनके मकान का पानी दक्षिण की ओर निकलता है। पिता वागीशनाथ पक्की नाली का निर्माण करवाकर अपने खेत की तरफ ले जा रहे थे। तभी मुकेश शुक्ला, उमेश शुक्ला, सर्वेश शुक्ला, विवेक शुक्ला उर्फ सोनू व सर्वेश के पुत्र शिवम शुक्ला आए और विरोध करते हुए गाली-गलौज करने लगे। मुकेश शुक्ला, सर्वेश शुक्ला ने तमंचा व नाजायज राइफल से फायर कर दिए। मुकेश की चलाई गोली पिता के लगने से वह गिर पड़े। दूसरे फायर में परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गए। गोली लगने से पिता की मौत हो गई। परिवार के अन्य सदस्य घायल हुए हैं।
पुलिस हल्के में लेती रही नाली विवाद
-एक महीने में चार बार रास्ता व नाली का विवाद होने के बाद भी पुलिस ने ठोस कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया। छोटे विवाद को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करने के निर्देश के बाद भी बंडा पुलिस मामले को रफा-दफा करने में जुटी रही। यही वजह थी कि हत्या जैसी वारदात हो गई।
इससे पहले नौ जुलाई को जमीन विवाद में रवि प्रकाश की हत्या कर दी गई थी। मृतक के पिता ने जमीन विवाद को लेकर पुलिस से शिकायत भी की थी। गांव रनमस्तपुर बुजुर्ग निवासी भारतभूषण का राजेश कुमार से मेड़ को लेकर विवाद चल रहा था। इसके चलते सरस्वती की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई थी।
परिवार में मातम का माहौल
-मृतक का साला पिंटू करीब 20 दिन पहले अपने बहनोई के घर आया था। वह यहां ट्रैक्टर चलाने लगा था। मंगलवार को विवाद में उसे भी चोट आई हैं। वागीशनाथ की मौत से पत्नी मीरा, बेटा आदेश, दीपक, नागेश, बेटी मुस्कान व शीतू का राे-रोकर बुरा हाल है।