शाहजहांपुर। परिवहन निगम की बसों में सफर करना मुश्किल भरा है। कई बार यात्रियों की जान जोखिम में पड़ जाती है। बसों में सीटों के कवर फटे हुए हैं। खिड़कियों के शीशे गायब हैं। वहीं, फर्स्ट एड बॉक्स खुद ही बीमार हैं, उनमें जरूरी किट तक नहीं है। अग्निशमन यंत्र अपनी जगह न लगे होकर कोने में रखे रहते हैं। कुछ चालक और परिचालक अग्निशमन यंत्र का इस्तेमाल करना जानते नहीं हैं। बस अड्डे पर बसों का इंतजार करने वाले यात्रियों के बैठने के लिए कुर्सियां और स्वच्छ पानी की व्यवस्था नहीं है।
शाहजहांपुर डिपो के पास कुल 187 बसें हैं। इनमें 112 निगम की और 75 अनुबंधित हैं। इनमें से 35 बसें दिल्ली रूट पर अप-डाउन करती हैं। बाकी बसों का बरेली, लखीमपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई, पीलीभीत आदि जिलों तक हर आधे घंटे में संचालन होता है। रोजाना करीब 20 हजार यात्री सफर करते हैं। इसके बाद भी बस अड्डा पर बदहाली व अव्यवस्थाएं हावी हैं। आए दिन रोडवेज बसे हादसे का शिकार होती हैं, लेकिन इनमें फर्स्ट एड बॉक्स केवल दिखावे के लिए रखा जाता है। इनमें दवाएं मौजूद नहीं होती हैं। यही वजह है कि हादसे में मामूली रूप से भी घायल होने वाले यात्रियों को स्वास्थ्य केंद्र से पहले मरहम-पट्टी तक नहीं मिलती है।
टूटा मिला फर्स्ट एड बॉक्स
रोडवेज पर खड़ी शाहजहांपुर डिपो की एक बस में ड्राइवर की सीट के पीछे फर्स्ट एड बॉक्स लगा मिला, लेकिन वह टूटा हुआ था। मेडिकल किट भी नहीं थी। परिचालक ने बताया कि मेडिकल किट ड्राइवर के सामने ड्रॉयर में रखी हुई है। दूसरी बस में फर्स्ट एड बॉक्स ही नहीं मिला।
नहीं दिखी सुझाव पेटिका
बस अड्डे पर रविवार को लगी ज्यादातर बसों में सुझाव पेटिका नहीं दिखी। एक बस में सुझाव पेटिका दिखी लेकिन वह खाली मिला।
बस का शीशा ही गायब
बस अड्डा से लखीमपुर जाने वाली एक बस में खिड़की का शीशा ही गायब था। बस के अंदर यात्रियों के बैठने की सीटों में गड्ढे हो गए और कवर फटे हुए मिले। बस से उतरे एक यात्री ने बताया कि सीट पर बैठना मुश्किल हो रहा था। सफर के दौरान कई बार सीट से उठना पड़ा।
तार के जुगाड़ से बज रहे हॉर्न
रोडवेज बसों में हॉर्न तारों के जुगाड़ से ही बजते हैं। ज्यादातर में ड्राइवर की सीट के पास खुले हुए तार नजर आए। वहीं, खुले हुए तारों का जंजाल बसों में फैला दिखा, जिससे हॉर्न के अलावा पंखों, म्यूजिक सिस्टम आदि को भी जोड़ा गया था। यह स्थिति तब है, जब कि बसों में शॉर्ट सर्किट की प्रमुख वजह खुले तार ही हैं।
बस अड्डे पर जमीन पर बैठे मिले यात्री
रोडवेज बस अड्डा परिसर में यात्री जमीन पर बैठे मिले। उनके लिए कुर्सियां तक नहीं डाली गई। इससे वह बसों के इंतजार के दौरान कुर्सी पर बैठ सके। जहां पर बसें खड़ी होती है, वहां पर टिनशेड तक नहीं पड़ा है, ऐसे में यात्री धूप में खडे़ थे।
पानी की मशीन के पास जलभराव
बस अड्डा परिसर में यात्रियों के लिए पीने के पानी की दो मशीने लगी है। दोनों ही मशीनों के पास जलभराव देखने को मिला। इससे होकर यात्री पानी के लेने जाते देखे गए। यात्रियों ने बताया कि मशीनों से पानी भी ठंडा नहीं आ रहा।
समय-समय होती है बसों की सर्विस
वर्तमान में डिपो पर सिर्फ चार बसें ही सर्विस के लिए खड़ी हैं। समय-समय पर बसों की सर्विस होती रहती है। अगर उनमें कोई कमी होती है तो तुरंत ही ठीक करा दी जाती है। हरदोई रीजन में शाहजहांपुर डिपो नंबर वन की स्थिति में हैं। -राजन सागर, प्रभारी, डिपो
रोडवेज बस में सीटो के फटे कवर- फोटो : SHAHJAHANPUR
रोडवेज बस की खिड़की का गायब शीशा- फोटो : SHAHJAHANPUR