खुटार। गांव हंसपुर में श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक रजनी शास्त्री ने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि धुंधकारी के पापकर्म करने पर वह मरने के बाद प्रेत बन गया था। धुंधकारी के भाई गोकर्ण ने भाई के मोक्ष की कामना से भागवत कथा का आयोजन किया। धुंधकारी भी प्रेत रूप में कथा सुनता रहा, इससे उसका उद्धार हो गया। आयोजक भोजराज भारती ने बताया कि कथा के विश्राम के बाद दो फरवरी को हवन और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। संवाद