डीएम विजय किरन आनंद ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए प्रशासन की टीम ग्राम प्रधानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेगी। गांधी भवन सभागार में आयोजित ग्राम प्रधानों की कार्यशाला के दूसरे दिन सदर और पुवायां तहसील के आठ विकास खंडों के प्रधानों को संबोधित करते हुए डीएम आनंद ने स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए खुले में शौच की प्रवृत्ति पर कड़ाई से रोक लगाने का आह्वान किया। डीएम आनंद ने कहा कि जिले के तमाम नव निर्वाचित प्रधान अभी नए हैं। उनमें कार्य करने की क्षमता है और वे गांवों का विकास कराना भी चाहते हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में सफल नहीं हो पाते। इसीलिए उन्हें उनके अधिकारों और कर्तव्यों का बोध कराने के लिए कार्यशाला लगाई गई। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान पांच वर्ष के विकास की ऐसी कार्य योजना बनाएं जो उनके क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक साबित हों। ऐसी विकास योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। सीडीओ पुलकित खरे ने मनरेगा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के तहत विभिन्न विकास कार्यों पर प्रत्येक ग्राम पंचायत में करीब 37 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस धनराशि को विकास में लगाने से ग्राम पंचायत को आदर्श श्रेणी में लाया जा सकेगा। मख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कमल कुमार ने गांवों में ग्राम स्वास्थ्य पोषण समिति की नियमित बैठक कराए जाने पर जोर दिया। इस मौके पर ग्राम प्रधानों ने विभिन्न विभागों की योजनाओं के बारे में अधिकारियों से सीधा संवाद किया। कार्यशाला में मौजूद डीडीओ प्रेम प्रकाश त्रिपाठी, बीएसए राकेशा कुमार, डीआरडीए के परियोजना निदेशक अजय प्रकाश, बाल विकास परियोजना के डीपीओ धर्मेंद्र मिश्र, सीवीओ डॉ. इंद्रमणि, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी वीरपाल आदि ने अपने विभागों की योजनाओं का ब्यौरा देकर प्रधानों की जिज्ञासा शांत की।