शाहजहांपुर। मिलावटखोर सेहत से खिलवाड़ करने के लिए दूध में डिटर्जेंट पाउडर मिलाने से भी परहेज नहीं कर रहे। वनस्पति घी में फ्लेवर डाल कर देसी घी बनाने, चिली सॉस और नमकीन में अखाद्य रंग मिलाने का मामला भी सामने आया है। खाद्य विभाग की ओर से लिए गए नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
पिछले एक वर्ष में खाद्य एवं औषधि विभाग ने जिले में 417 नमूने लिए गए। इनमें 305 की अब तक जांच रिपोर्ट आई है। 203 नमूने फेल हुए हैं। इनमें 35 स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए गए। 168 अधोमानक निकले हैं। खाद्य पदार्थों में हानिकारक पदार्थ मिलाए जा रहे हैं।
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खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जनवरी 2023 को बरेली मोड़ पर दूध विक्रेता सुधीर कुमार के पास से दूध का नमूना लिया था। जांच के बाद आई रिपोर्ट में सामने आया कि दूध में डिटर्जेंट मिलाया गया था।
अक्तूबर 2023 में बरेली मोड़ स्थित एक प्रोविजन स्टोर से खाद्य विभाग की टीम ने नमकीन का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा था। जांच रिपोर्ट तो पता लगा कि नमकीन में शरीर में लगाने वाला रंग मिला है।
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खाद्य विभाग की टीम ने जनवरी में पुवायां में मेरठ निवासी व्यापारी आमिर के देसी घी का नमूना लिया। व्यापारी एक किलो के साथ एक किलो घी फ्री दे रहा था। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि वनस्पति घी में फ्लेवर इस्तेमाल करके देसी घी बनाया गया था।
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खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नवंबर में मीरानपुर कटरा स्थित एक ट्रेडिंग कंपनी से चिली सॉस का नमूना लिया था। जांच रिपोर्ट में चिली सॉस में प्रतिबंधित रंग पाया गया था। यह स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है।
विभाग की ओर से जांच अभियान चलाया गया था। इसमें जांच रिपोर्ट आईं हैं। दूध में डिटर्जेंट का इस्तेमाल मिला है। संबंधितों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
- चंद्रशेखर मिश्रा, सह आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग