ढाई घंटे बाद पटरी पर लाए जा सके पहिये
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रोजा रेलवे स्टेशन की लूप लाइन में शुक्रवार रात करीब 12 बजे जीलोको कंपनी से स्टेशन की ओर जा रहे इंजन के छह चक्के पटरी से उतर गए। इंजन के बेपटरी होने के बाद रेल कर्मियों में खलबली मच गई। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद इंजन को पटरी पर लाया जा सका। इस मामले में ज्वाइंट रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेजी गई है।
रात करीब 12 बजे प्वाइंट नंबर 263 पर रोजा स्टेशन की ओर से आ रहे इंजन के छह चक्के पटरी से नीचे उतर गए। जोरदार आवाज होने के बाद लोको पायलट ने स्टेशन मास्टर और कंट्रोल को वॉकी-टॉकी से पूरी जानकारी दी। कंट्रोल के आदेश पर खतरे के दो सायरन बजाएं गए तो रात में स्टेशन अधीक्षक समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
रेल यातायात पर नहीं पड़ा प्रभाव
तुरंत ही राहत दुर्घटना यान भी बुलाया गया। कर्मचारियों ने ढाई घंटे मशक्कत कर पटरी को इंजन पर ले आए। डिरेलमेंट से रेल यातायात पर प्रभाव नहीं पड़ा है। मामले में ज्वाइंट रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेज दी गई। अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टयां शंटिंग पोर्टर व लोको पायलट दोषी पाए गए।
रोजा के स्टेशन अधीक्षक जेपी सिंह ने बताया कि रात में लूप लाइन पर इंजन पटरी से उतर गया था। इंजन के छह चक्के पटरी से उतरने से यातायात पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। ज्वाइंट रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी गई। वहीं से कार्रवाई होगी।