जलालाबाद। अल्हागंज क्षेत्र की रत्नापुर सहकारी समिति को भेजी गई डीएपी खाद समिति के गोदाम के बजाय लगभग दो-ढाई किमी दूर साहबगंज गांव की एक निजी दुकान में रखवा दी गई। जांच में पुष्टि होने के बाद दुकान में ताले डलवा दिए गए हैं। हालांकि, बताया जा रहा है कि सुरक्षा की दृष्टि से ऐसा किया गया है।
डीएपी की सरकारी खेप में खेल होने की चर्चा शुरू होने पर यह बात अधिकारियों के कानों तक पहुंच गई। जिला कृषि अधिकारी विकास किशोर ने विभागीय टीम गठित कर मौके पर जांच-पड़ताल कराई तो खाद निजी परिसर में रखी मिली। जांच टीम ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। अधिकारियों के निर्देश पर जांच टीम खाद की दुकान पर ताले लगाकर लौट गई।
समिति के सचिव महेश सिंह का कहना है कि समिति और गोदाम के चारों तरफ पानी भरा होने से खाद को गोदाम में उतारना संभव नहीं था। इस कारण उसे साहबगंज गांव में रखवाकर विभागीय अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई थी।
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समिति की खाद निजी दुकान में रखे जाने की बात संज्ञान में आने पर टीम ने जांच की। गोदाम परिसर में जलभराव के कारण दुकान में खाद रखी गई थी। सुरक्षा की दृष्टि से उस दुकान में ताले लगवा दिए हैं। तीन अधिकारियों की टीम गठित कर उन्हें वहां निरंतर निगरानी रखने और अपनी देखरेख में खाद बंटवाने के निर्देश दिए गए हैं।
-विकास किशोर, जिला कृषि अधिकारी