शाहजहांपुर। गुजरात से 2544 टन डीएपी की नई रैक आई। खाद की बोरियां कई समितियों पर पहुंचने के साथ मंगलवार सुबह से खाद पाने की किसानों में होड़ लग गई। हालांकि, कार्तिक पूर्णिमा अवकाश के कारण जिले के सुदूर ब्लॉकों की तमाम समितियों पर डीएपी की नई खेप नहीं पहुंच सकी।
जिन समितियों पर खाद का नया स्टॉक पहुंचा, वहां मांग की तुलना में खाद बहुत कम होने से मारामारी के हालात बनेे। इसीलिए कई समितियों के सचिवों ने खाद पहुंचने पर भी उसका वितरण रोके रखा और अधिकारियों से पुलिस की निगरानी में खाद बंटवाने की मांग की है। मिर्जापुर क्षेत्र डीएपी की किल्लत मंगलवार को भी बनी रही। वहां बुधवार तक डीएपी पहुंचने के आसार हैं। दूसरी ओर फुटकर विक्रेता डीएपी का स्टॉक छिपाकर 1350 रुपये वाला खाद का कट्टा 1700 रुपये में बेच रहे हैं। ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) अश्वनी कुमार पांडेय का कहना है कि बुधवार सुबह तक क्षेत्र की सभी आठ समितियों में डीएपी पहुंच जाएगी। उन्होंने बताया कि मंगलवार को गंगा स्नान और गुरुनानक जयंती अवकाश की वजह से समितियों में डीएपी नहीं पहुंच सकी।
डीएपी न होने से सूनीं पड़ी परौर की समितियां
परौर। सूखा, भारी वर्षा और बाढ़ की तिहरी आपदा के सताए किसान अब रबी फसलों की बुआई के दौरान क्षेत्र की सहकारी समितियों पर डीएपी न मिलने से पस्त पड़ते जा रहे हैं। सूखा पड़ने पर तमाम काश्तकारों ने अपना अनाज बेचकर और पत्नी का जेवर गिरवी रखकर सिंचाई के जरिए धान, उर्द, बाजरा की फसल बचाई थी, यही फसल अतिवृष्टि की भेंट चढ़ गई। अब क्षेत्र के किसान गेहूं की बुआई की तैयारी में लगे हुए हैं, लेकिन चौकिया साधन सहकारी समिति पर डीएपी समेत गेहूं बीज का स्टॉक शून्य है। समिति के सचिव जंग पाल सिंह यादव ने बताया कि कुछ दिन पहले एक ट्रक यूरिया आई थी और उसकी कुछ बोरियां पड़ी हैं।
सिंधौली की समितियों पर भटक रहे किसान
सिंधौली। किसान सहकारी समिति के दोनों गोदामों पर डीएपी न होने से किसानों को निराश लौटना पड़ रहा है। स्टेट बैंक के पास स्थित गोदाम पर मंगलवार को कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। समिति के दूसरे गोदाम का जायजा लेने पर वहां भी डीएपी खत्म बताई गई। वहां मिले गहरा गांव के मोहतशिम ने बताया डीएपी लेने आए थे, लेकिन नहीं मिली। जमदुइया गांव के परवेज के अनुसार उन्हें खाद की जरूरत है, लेकिन सचिव प्रभात मिश्रा ने बताया कि अभी खाद आई नहीं है। उधर, रखिया बुजुर्ग गांव की समिति में डीएपी पहुंचते ही किसान लेने के लिए दौड़ पड़े। समिति के सचिव नवनीत श्रीवास्तव ने बताया कि वितरण में जरूरतमंद किसानों को वरीयता दी जा रही है।
किसानों की बात
चौकिया समिति पर डीएपी और गेहूं बीज न होने से काफी समस्या है। कृषि विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए ताकि कटरी के किसान फसली नुकसान की रबी सीजन में भरपाई कर सकें। -मानवेंद्र शुक्ला, परौर
डीएपी की काफी किल्लत है, जिससे गेहूं की बुआाई में भारी दिक्कत आ रही है। हर साल रबी सीजन की शुरुआत में ऐसे हालात बनते हैं, लेकिन अधिकारी इस ओर से उदासीन बने बैठे हैं। -राजकुमार कश्यप, नौसारा (परौर)
बाजार में थोक और फुटकर विक्रेताओं को पर्याप्त खाद जारी होने के बावजूद किसानों को परेशानी होना समझ से परे है। इसीलिए कृषि अधिकारी और एआर कोआपरेटिव से कहा है कि वह डीएम को अवगत कराकर वितरण व्यवस्था सामान्य बनाने के प्रयास करें। फिलहाल समितियों पर पुलिस सुरक्षा के बगैर डीएपी का वितरण होना संभव नहीं दिख रहा। -धीरेंद्र सिंह, उप कृषि निदेशक