गांव शमशेरपुर में एक महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की गला दबाकर हत्या कर दी और शव घर के आंगन में दफन कर दिया। किसी को शक न हो इसलिए महिला ने पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। तीन माह बाद शनिवार को पुलिस ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने शव निकलवाकर पोस्टमार्टम को भेजा है। सुनीता सिंह ने 23 जुलाई 2018 को कांट थाने में तहरीर दी कि उसके पति 28 वर्षीय सूरज सिंह 15 दिन पहले चमार गौटिया में शराब पीने के लिए घर से निकल कर गए थे, उसके बाद से लौट कर नहीं आए।
कई जगह तलाश की लेकिन नतीजा सिफर रहा। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर मामले की विवेचना सब इंस्पेक्टर सुरेश कुमार को सौंपी। विवेचना में लंबा समय लगने पर पिता भगवान सिंह ने बदायूं के थाना उझानी के गांव संजरपुर से यहां आकर उच्चाधिकारियों को पत्र भेजे और एसपी से मामले में विलंब की शिकायत की। इसके बाद एसपी डॉ. एस चन्नप्पा के निर्देश पर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह और विवेचक ने लापता सूरज की पत्नी सुनीता की कॉल डिटेल निकलवाई तो सुनीता की सबसे अधिक कॉल हरिओम के मोबाइल नंबर पर होना पाया गया। बस यहीं से पुलिस का शक गहरा गया।
पुलिस ने सुनीता और हरिओम को शुक्रवार को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तब सुनीता ने बताया कि उसने प्रेमी हरिओम के साथ मिलकर गुमशुदगी लिखाने के लगभग 15 दिन पहले पति की गला दबाकर हत्या कर दी थी और शव को घर में बरामदे के आगे आंगन में दीवार के पास गड्ढा खोदकर उसमें दफन कर दिया है। दोनों की निशानदेही पर कंकाल हो चुके शव को निकलवाकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। इस बीच गांव पहुंचे एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने मौका मुआयना कर घटना की जानकारी ली।
एक महिला ने पति सूरज की गुमशुदगी 23 जुलाई को दर्ज कराई थी। इस घटना का खुलासा कर दिया गया है, विवेचना के दौरान पता चला लापता सूरज की हत्या उसकी ही पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर कर दी है। दोनों को गिरफ्तार कर घर में दफन शव को निकलवा कर पीएम को भिजवाया है।
डॉ. एस चन्नप्पा, एसपी