जलालाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की स्वॉट टीम ने संयुक्त रूप से बाइक चोरी की कई घटनाओं का खुलासा करते हुए दो ऑटोलिफ्टर गिरफ्तार किए हैं, जबकि उनके तीन साथी पुलिस को टकमा देकर भाग गए। पकड़े गए लोगों की निशानदेही पर दस बाइक बरामद हुई हैं।
एएसपी (ग्रामीण) सुभाषचंद्र शाक्य ने बताया कि एसपी केबी सिंह के निर्देश पर ऑटोलिफ्टर की धरपकड़ के लिए जलालाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की स्वॉट टीम को लगाया गया था। शुक्रवार देर शाम मुखबिर की सूचना पर बारह पत्थर चौराहे की तरफ से दो बाइक पर आ रहे पांच लोगों को रोकने का प्रयास किया गया तो सभी बाइक से उतरकर भागने लगे। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर जलालाबाद के मोहल्ला गौसनगर निवासी नायाब खां और उसके तहेरे भाई शमशुल जमा को गिरफ्तार कर लिया, जबकि गौसनगर का ही इमरान, नफीस उर्फ देेंड़ा, मोहल्ला महाजनान का आरिफ पुलिस को चकमा देकर भाग गया। पकड़े गए लोगों ने पूछताछ में कबूल किया कि वे बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने कटरा रोड पर दरगाह पंचपीर गढ़ी वाली मजार के पीछे झाड़ियों में छिपाकर रखी गईं आठ बाइक बरामद कर लीं। एएसपी ने बताया कि खुलासा करने वाली टीम को एसपी की ओर से ढाई हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।
फर्रुखाबाद से चोरी की गई हैं बाइक
स्वॉट टीम प्रभारी विरजाराम ने बताया कि बरामद चोरी की बाइकों में से एक-एक बरेली, शाहजहांपुर और लखीमपुर खीरी से चोरी की गई है। बाकी बाइक फर्रुखाबाद से चोरी करके लाई गई हैं। सभी की नंबर प्लेट बदली हुई हैं। इंजन और चेसिस नंबर के जरिए स्वामियों का पता लगाया जा रहा है।
झूठा फंसा रही है पुलिस
बाइक चोरी के मामले में गिरफ्तार नायाब खां और शमशुल का आरोप है कि पुलिस उन्हें झूठा फंसा रही है। शमशुल ने बताया कि उसकी जलालाबाद में ब्लाक के सामने मोबाइल की दुकान है। उसने अवधेश से दुकान किराये पर ले रखी है। चोरी की बाइक भी उसी के पास से बरामद हुई। पुलिस के पास एक मंत्री का फोन आया था, इसके बाद अवधेश को छोड़ दिया गया और उसे पकड़ लिया गया। नायाब ने बताया कि वह ट्रक ड्राइवर है। स्वॉट टीम प्रभारी विरजाराम ने बताया कि जिस अवधेश का नाम शमशुल ले रहा है वह स्मैकिया है। इन लोगों ने ही चोरी की बाइक उसे दे रखी थी।