स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सत्य देव शास्त्री का बृहस्पतिवार को तड़के निधन हो गया। सुबह तड़के छत पर टहलते समय अचानक संतुलन बिगड़ने से नीचे गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बरेली इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। वह लगभग 98 वर्ष के थे। शास्त्री ने स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया था। मूलत: जलालाबाद के धनइया गांव के रहने वाले शास्त्री तिलहर के रूद्रपुर गांव में रहकर गुरुकुल महाविद्यालय तथा कन्या विद्यालय का संचालन करते थे। महान पक्षी प्रेमी शास्त्री रूद्रपुर के पक्षी विहार की देखरेख और संरक्षण भी करते थे। उनका एक बेटे ब्रह्मदत्त की शिकारियों ने शिकार का विरोध करने पर हत्या कर दी थी। उनके परिवार में अब पुत्री कुमारी श्री तथा पुत्र आर्येंद्र कुमार आर्य हैं। एक अन्य पुत्र गुरु कुल महाविद्यालय के प्राचार्य सूर्यदेव शास्त्री की 2012 में हमले के बाद मौत हो गई थी। सत्य देव शास्त्री के निधन पर पालिका चेयरमैन इमरान खां, ब्लाक प्रमुख अभिनव शर्मा वीरू, भाजपा नगराध्यक्ष देवेंद्र कुमार गुप्ता, आर्य समाज तिलहर के प्रधान डॉ. बीएन शर्मा, सचिव लोकेश आर्य, डॉ. प्रमोद मिश्रा, बार संघ अध्यक्ष कुंवर सेन गंगवार, भगवान दास उर्फ भगत जी ने शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी है। शास्त्री का अंतिम संस्कार शुक्रवार को रूद्रपुर गांव में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।