सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान बच्चे की मौत से परिवार के लोग बिफर गए। उन्होंने डॉक्टर की लापरवाही से बच्चे की मौत का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। बाद में बच्चे के पिता ने पुलिस को डॉक्टर के खिलाफ तहरीर भी दी। हालांकि पुलिस ने तहरीर मिलने से इंकार किया है। लोगों ने बमुश्किल मामला शांत कराया। गांव ददूरी निवासी रूपेश मिश्र ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह अपने एक वर्षीय पुत्र लव को मंगलवार को उल्टी-दस्त होने पर सीएचसी लेकर पहुंचे और अधीक्षक डॉ. वीके वर्मा को दिखाया। डॉ. वर्मा ने उन्हें दवाइयां लिख दीं। बच्चे को एक इंजेक्शन भी लगाया। इंजेक्शन लगते ही बच्चे की हालत खराब हो गई और उसने कुछ देर तड़पने के बाद दम तोड़ दिया।
बच्चे की मौत होते ही मां साधना देवी दहाड़ें मारकर रोने लगीं। जानकारी पाकर बच्चे के परिवार के और लोग भी मौके अस्पताल पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि डॉक्टर के गलत इलाज के चलते बच्चे की मौत हुई है। सूचना पाकर दरोगा संतोष सिंह मौके पर पहुंचे और पूछताछ की। इस बीच भाजपा नेता क्षमा वर्मा भी मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने रूपेश को समझाकर शांत किया। इसके बाद परिवार के लोग बच्चे का शव लेकर घर चले गए। इस संबंध में डॉ. वर्मा ने बताया कि बच्चे की मौत बीमारी से हुई है। बच्चे के पिता को कुछ लोगों ने भड़का दिया था। एसओ उदयवीर सिंह ने बताया कि मामले की मौखिक जानकारी मिली थी, पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है।