कस्बे के मोहल्ला कायस्थान में रहने वाले एक व्यक्ति की पत्नी की डेंगू से मंगलवार को मौत हो गई। पीड़ित को तीन दिन तक अस्पताल से सही इलाज नहीं मिल सका। साथ ही मंगलवार को अस्पताल में छुट्टी के कारण डॉक्टर थे नहीं, न ही वहां इमरजेंसी डॉक्टर मिला। पत्नी को प्राइवेट डॉक्टर के यहां ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
कस्बे के मोहल्ला कायस्थान में रहने वाले लालाराम की 35 वर्षीय पत्नी फूला देवी की तीन दिन से डेंगू बुखार आ रहा था। मजदूर पेशा लालाराम कस्बे के सरकारी अस्पताल में अपनी पत्नी के इलाज के लिए काफी समय तक रहा, लेकिन फायदा नहीं हुआ। साथ ही मंगलवार को अस्पताल में छुट्टी होने के कारण ताले लटके रहे। आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात डाक्टर भी वहां नहीं मिले। लालाराम ने बताया कि जब अस्पताल से कुछ राहत नहीं मिली तो वह पत्नी को एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाने की तैयारी करने लगा। जब तक वह प्राइवेट अस्पताल तक ला पाता, इससे पहले फूला देवी की रास्ते में मौत हो गई। फूला देवी के दो छोटे बच्चे हैं।
उधर, सरकारी अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. मोहम्मद शजर ने कहा कि जानकारी मिली है कि मंगलवार को कस्बे की फूला देवी की डेंगू से मौत हुई है। अस्पताल में तैनात डाक्टर अगर उपस्थित नहीं थे तो ये घोर लापरवाही है। मामले को दिखवाऊंगा। दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होगी।