बेरोजगार युवकों को नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाली एक कंपनी के पांच लोगों को हिरासत में लिया है। यह लोग बेरोजगार युवकों से नौकरी के नाम पर 20 हजार रुपये जमा कराकर शर्त रखते है कि एक युवक को कम से कम तीन अन्य युवकों को नौकरी के लिए 20 हजार लाकर फंसाना है। जो कि दूर-दराज के शहर में रहते हों। नौकरी के नाम पर ठगे युवक की शिकायत पर पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है। इनके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
फिरोजाबाद के थाना नारखी क्षेत्र नगरिया में रहने वाले विवेक प्रताप सिंह ने थाने में दी तहरीर में बताया कि मैनपुरी के थाना बागवान क्षेत्र के मोहल्ला नई बस्ती में रहने वाले पूर्व परिचित नरेंद्र सिंह ने करीब दस दिन पहले फोन पर अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उसने कहा कि अगर नौकरी करनी है तो फाइल बनाने का खर्च 20 हजार रुपये लेकर आ जाओ। उसकी बातों में आकर 29 सितंबर को वह शहर आ गया। नरेंद्र उसे लेने रोडवेज पर आया। फिर नरेंद्र उसे लेकर एक होटल पहुंचा, जिसके कमरे में संदीप और रूपकिशन नाम के दो व्यक्ति मिले। उनसे मिलवाते हुए नरेंद्र ने उन्हें कंपनी का वरिष्ठ अधिकारी बताया। नरेंद्र ने फाइल तैयार करवाने के नाम पर 20 हजार रुपये जमा करा लिए। इसके बाद उन्होंने बहुत से कागजों पर हस्ताक्षर भी कराए। कंपनी के बारे में जानकारी लेने पर पता चला कि यह लोग चेन चलाकर एक से दूसरे को नौकरी का झांसा दिलाते हैं। साथ ही हर व्यक्ति से 20 हजार रुपये ठगते हैं। पता चला की कंपनी मुख्यालय का पता दिल्ली का है। यह लोग जैविक पदार्थों की चिटफंड के नाम पर बेरोजगारों से नौकरी के नाम पर ठगी कर हैं। इनकी सच्चाई पता लगाने पर उसने अपने रुपये वापस मांगे तो यह लोग झगड़ा करने पर आमादा हो गए। इसकी शिकायत करने पर पुलिस ने कंपनी के मैनेजर उत्तराखंड के पौड़ी क्षेत्र के रहने वाले भरत सिंह, इलाहाबाद के शाहरेआलम, समस्तीपुर (बिहार) के रूप किशन, मैनपुरी के थाना बगावान क्षेत्र की नई बस्ती निवासी नरेंद्र और महाराजगंज के संदीप विश्वकर्मा को हिरासत में लिया है। पुलिस पड़ताल में पता चला है कि इन्होंने ऐसे सैकड़ों बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर शिकार बनाया है। इनके खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
इंस्पेक्टर जेपी तिवारी के मुताबिक यह लोग चिटफंड कंपनी के नाम पर बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर ठगी करते हैं। इनके खिलाफ मुकदमा लिखा जा रहा है।