बिसरात मोहल्ला निवासी युवती शिखा और उसकी सहेली खुशबू को सुपारी देकर मरवाने वाले राहुल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। राहुल ने सीजेएम के समक्ष कबूल किया कि उसने अपनी मौसेरी बहन शिखा को उसके सहेली खुशबू के साथ नाना की करोड़ों की प्रापर्टी हथियाने और प्रेम में धोखा देने पर सुपारी देकर गजरौला में मरवा दिया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की अर्जी कोर्ट में दाखिल की है। राहुल के खिलाफ अभी आईपीसी की धारा 147 और 364 के तहत केस दर्ज किया है। उधर, गजरौला के नहर में फेंकी गई दोनों की लाशें अब भी बरामद नहीं हो पाई हैं। लाशों की तलाश जारी है।
गत 22 जनवरी की दोपहर दोनों सहेलियां सदर बाजार के पास स्कूटी छोड़कर इनोवा में राहुल के साथ सवार हुई थीं। अगले दिन दोनों के घर न लौटने पर परिवारजनों ने पुलिस को जानकारी दी तब मामला प्रकाश में आया। सदर बाजार थाना के एसआई प्रमोद सिंह की अगुवाई वाली एक टीम गजरौला में सर्च अभियान में जुटी हुई है। इस बीच यहां मंगलवार रात को राहुल से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर इस वारदात में शामिल रहे चार और लोगों से पूछताछ के लिए पुलिस ने उन्हें अलग-अलग स्थानों पर हिरासत में लिया है। इनमें उसका भाई, बहनोई, दोस्त और उसका मौसेरा भाई शामिल हैं। एसपी बबलू कुमार ने बताया कि हत्या संबंधी पर्याप्त साक्ष्य, तथ्य और बयान मिल चुके हैं। अब भी लाशों की बरामदगी पर फोकस है। मामले में अब भी अन्य चार लोग पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। उनकी तलाश में तीन टीमें लगाई गई हैं।
85 करोड़ की प्रापर्टी के लिए दी थी डेढ़ लाख की सुपारी
शाहजहांपुर। पुलिस पूछताछ में राहुल ने बताया कि शाहजहांपुर नगरपालिका से रिटायर इसके नाना सुरेश गुप्ता के पास 85 करोड़ से अधिक की प्रापर्टी है। मौसी अपनी बेटी शिखा के साथ नाना के साथ ही रहती हैं। नाना ने अपनी सारी संपत्ति की शिखा के नाम वसीयत कर दी थी। यहां शहर के बिसरात और साउथ सिटी में करीब 35 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है जबकि तिलहर के पुश्तैनी घर पर करीब 50 करोड़ की संपत्ति है। दोनों बेटियों के बीच बराबर का हिस्सा न बांटने को लेकर तनातनी बढ़ी थी। राहुल अपने माता-पिता के साथ नाना के तिलहर वाले घर और खेत पर काबिज था। इसे वह हासिल भी करना चाहता था लेकिन नाना रोड़ा बने हुए थे। इसीलिए इसने शिखा से करीबी बढ़ाई और शादी तक के सपने दिखाए। उसी क्रम में उसने तिलहर में खेती के लिए मजूरी पर बुलाए गए गजरौला के एक युवक को नाना की सुपारी दी। उसकी एंट्री भी शिखा के परिवार में करा दी। बाद में यह युवक नाना के परिवार का विश्वासपात्र और शिखा के काफी क्लोज हो गया। इसकी जानकारी मिलने पर इसने वसीयतधारी शिखा को ही मारने का प्लान बना डाला। उसने संभल निवासी दो पेशेवर कातिलों से डेढ़ लाख रुपये में सौदा किया। एक लाख रुपये एडवांस दे दिया। उन सबों ने लड़की को गजरौला नहर के पास तक लाने को कहा था। 22 जनवरी को इसने शिखा को एक परिचित के मार्फत घूमने-फिरने के लिए सदर बाजार बुलवाया तो वह अपने साथ मूल रूप से निगोही निवासी अपनी सहेली खुशबू को भी साथ ले आई। राहुल का कहना है कि वह यह सोचकर खुशबू को साथ ले गया कि शिखा को कातिलों को हवाले कर उसे वापस ले आएगा। लेकिन कातिलों ने खुशबू को छोड़ने के नाम पर उसे भी मार डालने की तैयारी कर ली तो उसने खुशबू को भी हत्यारों के हवाले कर दिया।