60 साल की एक वृद्ध महिला ने अपने ही क्षेत्र के एक व्यक्ति पर पहले
दुराचार का आरोप लगाया पर बाद में वह इससे मुकर गई। कहा जा रहा है कि पुलिस
के दबाव में महिला ने अपने बयान बदल दिए। बुधवार को हुई दुराचार की घटना
शुक्रवार को मीडिया की जानकारी में आने के बाद अधिकारियों को बताया गया तो
एसओ खुटार मौके पर पहुंचे और पीड़िता को खामोश रहने की हिदायत देकर लौट गए।
आरोपी भी घर छोड़कर भाग गए हैं। अब वृद्धा का नाती भी कह रहा है कि वह कोई
कार्रवाई नहीं चाहता। एसडीएम लालबहादुर और सीओ उमेश शर्मा ने भी मौके पर
पहुंचकर परिवार के लोगों से पूछताछ की है।
हरीपुर का रहने वाला एक सिख
परिवार लगभग एक वर्ष पूर्व कांट थाना क्षेत्र में जाकर रहने लगा था। हरीपुर
में इस परिवार से थोड़ी दूरी पर गरीब ईसाई परिवार रहते है। छह दिन पहले
सिख परिवार की एक महिला घर से गायब हो गई। गायब महिला के जेठ को शक था कि
उसे हरीपुर के ईसाई परिवार का युवक ले गया है। बुधवार को गायब महिला का जेठ
अपने दोस्त के घर हरीपुर आया। जानकारी करने पर पता चला कि उसे जिस युवक पर
विवाहिता को ले जाने का शक है, वह भी छह दिन से गायब है।
आरोप है कि
गायब महिला के जेठ ने युवक की 60 वर्षीय मां को बुधवार दोपहर दोस्त के घर
बुलाया। दोनों ने वृद्धा से उसके पुत्र के बारे में पूछताछ की। वृद्धा ने
जानकारी होने से इंकार किया तो गायब महिला के जेठ ने उसे कमरे में बंद कर
दुराचार किया। इस दौरान आरोपी का दोस्त पहरा देता रहा। शाम चार बजे वृद्धा
आरोपियों के चंगुल से छूट कर अपने घर पहुंची।
वृद्धा ने बताया कि वह
लोग थाने न जा सकें, इसलिए आरोपी और उसके दोस्त ने अपनी जान पहचान के लोगों
के साथ घर की निगरानी शुरू कर दी। शुक्रवार को मामले की जानकारी मिलने पर
मीडिया के लोग पीड़िता के घर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी अधिकारियों
को दी। इसके बाद एसओ राजेश सिंह मौके पर पहुंचे और पांच मिनट में ही पूरे
मामले को झूठा करार देकर लौट गए।
एसओ ने आरोपी के घर जाकर मौका-मुआयना करने
तक की जरूरत नहीं समझी। पुलिस के जाने के बाद आरोपी की ओर से तमाम लोग
पीड़िता के घर पहुंचे और पीड़िता के साथ ही परिवार के लोगों से बात की।
इसके बाद पुलिस फिर से मौके पर पहुंची और दावा किया कि दुराचार की घटना
नहीं हुई है। मीडिया के लोगों ने पीड़िता का बयान रिकार्ड होने की बात कही
तो पुलिस ने वृद्धा के नाती को सामने कर दिया।
नाती बोला कि वह कोई
कार्रवाई नहीं चाहता है। इसके बाद वृद्धा ने भी घटना से इंकार कर दिया।
उधर, शुक्रवार सुबह से आरोपी घर छोड़कर भागे हुए हैं। जिस घर में घटना हुई,
वहां मिली महिला ने कोई बात करने से इंकार कर दिया।
एसओ बोले : पांच मिनट में दूर कर देंगे नाटक
0 पुलिस के बाद पंचायत के नाम पर पीड़िता के घर पहुंचे दबंग
0 दोहरे दबाव के चलते बदल गए पीड़ित परिवार के सुर
0 गरीबी-कमजोरी के कारण भी घटना से मुकरने की चर्चा
एक पूर्व प्रधान ने आरोपियों की ओर से की पैरवी
खुटार (ब्यूरो)। बदले की भावना से वृद्धा के साथ दुराचार की घटना और फिर पुलिस के पहुंचने पर वृद्धा के घटना से मुकरने को पीड़ित परिवार की गरीबी और कमजोरी से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके अलावा पुलिस का पीड़ित परिवार के प्रति रवैया और पंचायत के नाम पर दबंग पूर्व प्रधान का पीड़िता के घर जाकर डेरा जमाना भी इसका कारण माना जा रहा है।
जिस वृद्धा के साथ घटना हुई है वह अपने दामाद के साथ रहती है। मजदूरी भी आसपास के बड़े फार्मरों के यहां ही मिलती है। वृद्धा ने सुबह मीडिया के सामने अपने साथ हुई दरिंदगी की कहानी बताई। वृद्धा का कहना था कि आरोपी ने उसके साथ बेहद शर्मनाक घटना की और कहीं भी शिकायत करने पर जान से मार देने की धमकी दी। घटना के बाद से क्षेत्र के कई प्रभावशाली लोग उसे रुपये-पैसे देकर खामोश रहने के लिए कह रहे हैं। कहा जा रहा है कि कार्रवाई हुई तो उसका घर उजाड़कर भगा दिया जाएगा।
शाम चार बजे एसओ खुटार मौके पर पहुंचे तो पीड़िता ने अपने साथ हुई घटना की पूरी जानकारी उन्हें दी लेकिन एसओ ने मामले को झूठा बताते हुए पीड़िता के परिवार को पांच मिनट में सारा नाटक खत्म कर देने की धमकी दे डाली। चर्चा है कि घटना के बाद पुलिस फिर से मौके पर पहुंची और घटना को झूठा बताना शुरू कर दिया।
धमकी के कारण घर नहीं गई पीड़िता
खुटार। घटना के बाद आरोपियों की धमकी के चलते वृद्धा अपने घर न जाकर पड़ोसी के घर गई और घटना बताकर वहां शरण ली। आरोपी घटना के बाद से कई लोगों के साथ उसके घर आकर पंचायत के नाम पर धमकी दे रहे हैं।
दामाद के घर रहती है वृद्धा
खुटार। जिस वृद्धा के साथ घटना को अंजाम दिया गया है, वह अपने पुत्री और दामाद के साथ रहती है। वृद्धा का पुत्र खुटार में एक टायर रिपेयरिंग की दुकान पर काम करता है। छह दिन पूर्व वह दुकान पर जाने की बात कहकर निकला था, तब से उसका कोई पता नहीं चल रहा है। पुलिस के आने से पूर्व वृद्धा और उसके दामाद का कहना था कि कांट से सिख परिवार की महिला को भगाए जाने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। यदि महिला गायब है तो परिवार के लोगों को रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई करनी चाहिए थी।
एसओ ने नहीं उठाया फोन
खुटार। अधिकारियों के सख्त आदेश हैं कि सभी थानाध्यक्ष सीयूजी नंबर हर समय चालू रखेंगे और किसी भी घटना की जानकारी मिलने पर त्वरित कार्रवाई करेंगे। शुक्रवार दोपहर मामले की जानकारी पाकर मीडिया के लोग मौके पर पहुंचे और वृद्धा से मामले की जानकारी करने के बाद एसओ खुटार को सीयूजी पर कॉल की तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। पीड़िता के दामाद ने भी दो बार कॉल की लेकिन फोन नहीं उठाया गया।
बिना महिला पुलिस लिए पहुंचे सीओ-एसओ
खुटार। दुराचार के मामले में स्पष्ट निर्देश हैं कि पीड़िता से महिला पुलिस पूछताछ करेगी लेकिन वृद्धा से दुराचार के मामले में ऐसा नहीं किया गया। एसओ और सीओ मौके पर पहुंचे, लेकिन महिला पुलिस को साथ नहीं ले गए और खुद ही पीड़िता से पूछताछ की।
कौन देगा इन सवालों के जवाब
पुलिस का कहना है कि वृद्धा से दुराचार की घटना झूठी है। उधर, वृद्धा और उसका परिवार भी घटना के बारे में चुप्पी साध गया है। ऐसे में तमाम सवाल उठ खड़े हुए है, जिनका जवाब तलाशा जाए तो पता चल जाएगा कि वृद्धा के साथ दुराचार की घटना को हुई है।
0 यदि दुराचार की घटना नहीं हुई तो वृद्धा की हालत कैसे बिगड़ी ?
0 वृद्धा का वह पुत्र कहां है, जिस पर महिला को भगाए जाने का आरोप है?
0 शुक्रवार दोपहर वृद्धा ने नाती ने एसओ खुटार के सीयूजी नंबर पर कॉल क्यों की?
0 पुलिस के आने के बाद वृद्धा ने बयान क्यों बदले?
0 घटना हुई ही नहीं तो वृद्धा का नाती कार्रवाई नहीं करने की बात क्यों कह रहा है?
0 यदि घटना नहीं हुई तो आरोपी घर से फरार क्यों है?
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मैं खुद मौके पर गया था और पीड़िता के बयान लिए है। वृद्धा से दुराचार जैसी कोई घटना नहीं हुई है। परिवार के लोग भी ऐसी किसी घटना से इंकार कर रहे हैं। फिर भी जांच कराई जा रही है।
- उमेश शर्मा सीओ पुवायां