क्षेत्र के गांव डभौरा में निवासी शिव सिंह ने पुलिस से प्रताड़ित होकर शुक्रवार को परिवार के साथ गांव से पलायन कर दिया। शिव सिंह का आरोप है कि उनके भाई राजपाल सिंह की हत्या करके शव फेंक दिया गया था। पुलिस ने कोई कार्रवाई तो नहीं की, लेकिन उसके परिवार को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। मजबूरन वह अपने परिवार के साथ सामान लेकर बरेली जा रहा है।
बता दें कि नौ मार्च 2015 को गढ़िया रंगीन थाने के गांव डभौरा निवासी राजपाल यादव घर से लापता हो गए थे। शिवसिंह ने अपने भाई की गुमशुदगी थाने में दर्ज कराई थी। 16 अप्रैल को राजपाल का शव गांव के पास गंगा नदी के किनारे मिला था। शव एक या दो दिन पुराना था। शिव सिंह ने अपहरण के बाद राजपाल की हत्या करने का आरोप लगाया था, लेकिन इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। शिव सिंह जब थाने के चक्कर लगाकर थक गया तो वह 26 मई को परिवार के साथ कलक्ट्रेट में अनशन पर बैठ गया। एसपी और एलआईयू इंस्पेक्टर घटना का दस दिन के अंदर खुलासा करने का भरोसा दिया। इसके बाद वह अनशन से उठ गया था। लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा थाना गढिय़ा रंगीन की पुलिस उसके परिवार को प्रताड़ित करने लगी। शिव सिंह ने बताया कि वह पुलिस से परेशान होने के बाद घर छोड़कर परिवार के साथ बरेली जा रहा है। वह डीआईजी कार्यालय में अनशन पर बैठेगा।