क्षेत्र के गांव कपास खिरिया में रहने वाले सर्वेश ने डीएम को दिए पत्र में बताया कि ददरौल पीएचसी तैनात एक डॉक्टर की लापरवाही की वजह से उनके बेटे हिमांशु की जान खतरे में पड़ गई। किसी तरह से एक निजी चिकित्सक की मदद से उनके बेटे की तबीयत ठीक हुई।
सर्वेश ने बताया कि उनके बेटे हिमांशु तबीयत खराब होने पर वह उसे दिखाने पीएचसी पर गया। वहां तैनात डॉक्टर ने बेटे को देखे बगैर वहां मौजूद एक महिला से दवाई देने को कह दिया। महिला ने कुछ दवाई देकर उन्हें टकरा दिया। रास्ते में उनका बेटा साइकिल से गिर गया। उसकी हालत काफी बिगड़ गई। किसी तरह से वह बेटे को लेकर बरेली मोड़ स्थित एक डॉक्टर के पास पहुंचा। डॉक्टर के इलाज के बाद उनके बेटे की तबीयत ठीक हुई। आरोप है पीएचसी पर तैनात डॉक्टर दो बजे के बाद प्राइवेट में देखकर कमाई की फिराक में रहते हैं।