शारदा नहर में पानी अधिक होने पर खांदी कटने से पिछले सप्ताह भावलखेड़ा ब्लाक के जिन किसानों के खेतों में पानी भरने से डूबी फसलें खराब हो गईं थीं, सिंचाई विभाग ने उन किसानों को तावान नोटिस भेजकर जुर्माना अदा करने का दोहरा आर्थिक भार डाल दिया है। प्रभावित गांवों के तमाम ग्रामीणों ने सोमवार को एडीएम फाइनेंस को ज्ञापन देकर अपनी समस्या बताई और नोटिस रद्द कराने की गुहार लगाई है।
भावलखेड़ा ब्लाक के गांव पसियानी, ददऊ, कनेंग आदि से कलक्ट्रेट पहुंचे रामसरन, काली चरन, सुंदर लाल, सोमदेव, गजोधर, देव कुमार, लालाराम, अर्जुन लाल, श्रीकृष्ण, जोगेंद्र, मोरकली, श्रीपाल, बहादुर, हरवंश, सुरेश चंद्र, जयचंद्र आदि ने बताया कि उनकी कृषि भूमि शारदा नहर किनारे स्थित है। पिछले सप्ताह नहर में पानी की मात्रा अचानक बढ़ गई थी, जिससे कुलाबा के पास खांदी कट गई और नहर का पानी खेतों में भरने से धान और तिलहन की अन्य फसलें डूबकर खराब हो गईं। ग्रामीणों के अनुसार सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मामले की जानकारी दिए जाने पर खांदी ठीक करने कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने खांदी पाटकर नहर का पानी रोका, लेकिन बीते दिन शारदा नहर खंड के राष्ट्रीय जल प्रबंध योजना कार्यालय ने उन्हें तावान नोटिस जारी करके जुर्माने की रकम जमा करने का निर्देश दिया। एडीएम ने सिंचाई विभाग के एक्सईएन से बात करके राहत दिलाने का आश्वासन दिया है।