गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से कलान थाना क्षेत्र के गांव नौगवां का निवासी है और चार साल इसी गांव में अपने मामा भूरे के पास रहता था। पुलिस पूछताछ के दौरान दलबीर ने बताया कि किशोरी के साथ उसकी पहले से ही हल्की बोलचाल थी। घटना के समय वह भांग के नशे में था। घर से बाहर खेत पर कूड़ा डालने गई किशोरी को पीछे से दबोच लिया और सरसों के खेत में घसीट ले गया था। उसके लगातार चीखते रहने की आवाज सुनकर मां खेतों की ओर आने लगी तो वह भाग निकला। घटनास्थल से भागने के बाद वह अल्हागंज-फर्रुखाबाद रूट और कलान में परिचितों के रात भर ठिकाना बदलता रहा। बुधवार सुबह मामला ठंडा पड़ने की मान कर वह दिल्ली भागने की फिराक में बस अड्डे पर पहुंच गया। इसी समय पुलिस भी पहुंच गई और उसे थाने ले आई। दलबीर मामले में अपने साथ किसी और के होने से इंकार कर रहा है। एसओ धर्मेंद्र कुमार ने इसका चालान कर कोर्ट में पेश किया और वहां जिला जेल में दाखिल करा दिया गया।
उधर, पीड़ित किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद बुधवार को एक्सरे कराया गया। दो दिनों में सप्लीमेंट्री रिपोर्ट जिला अस्पताल से थाने पहुंचने की उम्मीद है जिसकी एक प्रति किशोरी के परिवारजनों को सौंपी जाएगी। पीड़ित के चेहरे पर दांतों के निशान हैं। खेत में तमाम जगह पौधे टूटे पाये गए हैं। दलबीर के कपड़ों पर सीमन के दाग पाए गए हैं। उसके और सीमन लगे किशोरी के कपड़े जांच के लिए सील कर आगरा भेजा गया है।
आरोपी की तलाश में चार टीमें लगी थी। उसकी तलाश में कलान और आसपास के अन्य स्थानों पर परिचितों और रिश्तेदारों के घर दबिश दी गई थी। बुधवार की सुबह उसे बस में सवार होने से पहले पकड़ लिया गया। उसके कपड़ों पर सीमन के निशान मिले हैं और पीड़ित के भी। कपड़ों को जांच के लिए लैब भेजा गया है। पाक्सो एक्ट के तहत कार्यवाही हो रही है। रिपोर्ट आने के बाद किशोरी के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष भी दर्ज कराए जाएंगे।
- आदेश त्यागी, सीओ जलालाबाद