खुटार रेंज के जंगलों की हरियाली पर रखवाले ही ग्रहण लगा रहे हैं। वनकर्मियों की मिलीभगत से रोजाना कीमती पेड़ काटे जा रहे हैं। पांच दिन पूर्व गंगसरा के पास जंगल में कोरों के दो कीमती पेड़ काट दिए गए थे। आसपास के फार्मरों के विरोध करने पर तस्कर लकड़ी और गाड़ी मौके पर छोड़कर भाग निकले थे।
बता दें कि खुटार रेंज का कार्यालय खीरी जनपद के मैलानी में है। रेंजर के यहां नहीं रहने से वनकर्मी अपनी मर्जी के हिसाब से काम करते है। उच्चाधिकारियों के ध्यान नहीं देने और वनकर्मियों की मिलीभगत के कारण इस समय जंगलों से रोजाना कीमती पेड़ कटकर रातों रात बाहर चले जाते हैं। जंगल का मुआयना करने पर पेड़ों की जड़े इस कारनामे की पोल खोलने के लिए काफी है, लेकिन मजबूरी है कि कोई उच्चधिकारी साल में एक बार भी जंगलों का रुख करने की जरूरत नहीं समझते हैं। इस कारण अधीनस्थों की मिलीभगत के कारण माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। उधर, पीपुल फार एनीमल के सदस्य सत्यम् शुक्ला आदि ने डीएफओ को फोन पर रोजाना हो रहे कटान के बारे में अवगत कराते हुए जंगल का निरीक्षण करने की मांग की है।