खुटार के चालक सोनपाल का अपहरण कर हत्या के मामले में हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर खुटार के मुख्य चौराहे पर 29 जून 2014 को चक्का जाम करने के मामले में सभी नामजदों सहित 23 लोगों के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट सीओ को भेजी है। सीओ ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के निर्देश के साथ चार्जशीट खुटार थाने को वापस कर दी है। जांच पूरी होने और चार्जशीट दाखिल होने की जानकारी से नामजदों में हड़कंप मचा हुआ है।
क्या था मामला
पुवायां। खुटार के मोहल्ला पूर्वी गढ़ी निवासी निवासी बोलेरो चालक सोनपाल 16 जून 14 को बुकिंग पर वाहन को लेकर नैनीताल गया था। उसके वापस नहीं आने पर पिता सकटेलाल ने वाहन ले जाने वाले गांव हीरपुर के हरजिंदर सिंह के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी के गिरफ्तार नहीं होने पर चालक के परिवार के लोगों ने 25 जून को थाने का घेराव किया था। इसके बाद आरोपी गिरफ्तार हुआ और 28 जून को उसे सीने में दर्द बताकर पुलिस की निगरानी में शाहजहांपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चालक के परिवार वालों ने आरोपी और पुलिस के बीच सांठगांठ का आरोप लगाते हुए 29 जून 14 को खुटार के मुख्य चौराहे पर चक्का जाम किया था।
उधर, आरोपी के परिवार के लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाया था कि पुलिस ने हरजिंदर को थाने में जमकर टार्चर किया। उसके गुप्तांग में करंट लगा दिया गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। परिवार के लोगों का आरोप था कि आरोपी के शरीर पर पुलिस की पिटाई से चोटों के तमाम निशान हैं। हालत बिगड़ने पर पुलिस ने सीने में दर्द की बात कहते हुए परिवार के लोगों को बुलाकर आरोपी को निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। मामले की शिकायत आईजी से की गई थी जिस पर उन्होंने एसपी को जांच के आदेश दिए थे। एसपी ने 29 जून को ही खुटार के तत्कालीन एसओ रजी अहमद को निलंबित कर दिया। निलंबन से पहले ही रजी अहमद ने 19 लोगों को नामजद करते हुए 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला करने, बलवा सहित गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
यह लोग थे आरोपी, लगी थी गंभीर धाराएं
पुवायां। एसओ रजी अहमद की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में नगर पंचायत के पूर्व सदस्य अखिलेश मिश्रा, कांग्रेस नेता संतोष शर्मा, राकेश मिश्रा, व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष तरूण पांडे, भाजपा नेता देवेश गुप्ता, सपा नेता अब्दुल सत्तार इदरीसी, खुटार नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष ब्रजकिशोर गुप्ता, शिवप्रसाद, छैलबिहारी सर्राफ , सत्यप्रकाश उर्फ गप्पू, पप्पू गुप्ता, निशु मिश्रा, पवन तिवारी, सकटेलाल, आशीष मिश्रा, अमरदीप सिंह, विनय गुप्ता, इकबाल आदि को नामजद कराया गया था। इसके अलावा 150 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया था।
आरोपियों के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 307, 336, 353, 186, 189, 341, 504, 506, 427 आईपीसी और 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडेमेंट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने सभी धाराएं बरकरार रखते हुए 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट सीओ को भेजी थी। अज्ञात लोगों के बारे में कोई खुलासा नहीं किया गया है। सूत्र बताते हैं कि सीओ ने बिना आरोपियों की गिरफ्तारी चार्जशीट कोर्ट में स्वीकार नहीं होने की बात कहते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर चार्जशीट भेजने के निर्देश दिए हैं।
अभी तक फरार है दो आरोपी
पुवायां। सोनपाल हत्याकांड की जांच में हरजिंदर सिंह उसका नौकर जोगेंद्र और खीरी के भीरा निवासी दो लोगों के नाम सामने आए थे। इस मामले में हरजिंदर और जोगेंद्र जेल भेजे गए थे, जबकि भीरा के दो आरोपियों के घर का पुलिस आज तक पता नहीं लगा सकी है।
चार्जशीट की सही जानकारी नहीं
मैं आठ जून से खुटार में पत्रकार जगेंद्र सिंह के मामले में मौजूद रहता हूं। मुंशी यहीं आकर पत्रावली पर हस्ताक्षर करा ले जाते हैं। सोनपाल प्रकरण में लगाए गए जाम में चार्जशीट के बारे में सही जानकारी नहीं है। - उमेश शर्मा, सीओ पुवायां
लगा दी गई है चार्जशीट
सोनपाल प्रकरण में जाम लगाने के मामले में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में सभी नामजदों के खिलाफ चार्जशीट लगा दी गई है। रिपोर्ट में दर्ज सभी धाराएं जांच में सही पाई गई हैं। चार्जशीट वापस होने के बारे में जानकारी नहीं है।
- राजेश सिंह एसओ खुटार