थाना कटरा क्षेत्र के गांव इस्माइलपुर नवादा में रहने वाले अवधेश का सात वर्षीय बेटा रोहित शुक्रवार की रात दादा ऊधनलाल के घर कीर्तन सुनने निकला था। शनिवार की सुबह उसका शव गांव से आधा किलोमीटर दूर गांव बतलैया और इस्माइलपुर नवादा के बीच रेलवे पटरी पर पड़ा मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक के परिवार वालों ने मामले में संदिग्धता जताई है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
गांव इस्मालपुर नवादा निवासी कृषक अवधेश का बेटा रोहित गांव के प्राथमिक स्कूल में कक्षा एक का छात्र था। गांव में बने थान पर शुक्रवार की शाम कीर्तन हो रहा था। जिसमें रोहित के दादा ऊधनलाल भी शामिल थे। रात करीब नौ बजे रोहित की मां ज्ञानदेवी ने उसे खाना खिलाया। इसके बाद रोहित कीर्तन सुनने के लिए दादा के पास जाने की जिद करने लगा, तो ज्ञानवती ने उसे दादा के पास भेज दिया। कीर्तन सुनने के बाद ऊधनलाल घर लौट आए, लेकिन साथ में रोहित नहीं था। परिवार वालों ने ऊधनलाल से रोहित के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि वह उनके पास पहुंचा ही नहीं। इसके बाद परिवार वालों ने गांव में उसकी तलाश शुरू कर दी, लेकिन उसका कहीं पता नहीं लगा। शनिवार की सुबह अवधेश बेटे रोहित को तलाश कर रहे थे, तभी सूचना मिली कि रेलवे लाइन पर रात में ट्रेन की चपेट में आकर एक बच्चे की मौत हो गई है। रात में ट्रेन चालक की सूचना पर जीआरपी ने बच्चे का शव रेलवे लाइन से उठाकर बतलैया रेलवे क्रॉसिंग पर रख दिया था। परिवार वालों ने कपड़ों से शव की शिनाख्त रोहित के रूप में की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इकलौते बेटे की मौत
से घर में कोहराम
अवधेश के सात वर्षीय बेटा रोहित और तीन वर्ष की बेटी मोहिनी है। शनिवार की सुबह शव की शिनाख्त होने के बाद अवधेश के घर में कोहराम मच गया। रोहित घर में मां-बाप और दादा ऊधनलाल का लाडला था। मां ज्ञानवती बेटे की मौत से बेसुध हो गई हैं।