फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छह शवों का पांचवें दिन अंतिम संस्कार

Mon, 26 Jan 2015 12:33 AM IST
शाहजहांपुर/निगोही
विज्ञापन
विज्ञापन
खन्नौत नदी के पुल पर पांच दिन पहले ट्रेन हादसे का शिकार हुईं दो महिलाओं, एक किशोरी और तीन बच्चों का रविवार को अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
विज्ञापन

गांव बलरामपुर में रामबेटी के पार्थिव शरीर को पति निर्मल ने मुखाग्नि दी और 14 वर्षीय लीलावती उर्फ मटोला, पांच वर्षीय दीनदयाल उर्फ कालिया और ढाई वर्षीय खेमकरन को दफनाया गया। गांव के सभी पुरुष, महिलाएं और बच्चे अंतिम संस्कार में शामिल हुए। वहीं गांव ईशापुर में राजदेवी और एक वर्षीय बेटी को एक ही चिता में पूरन लाल ने मुखाग्नि दी।

कल से नहीं जले दोनों गांवों में चूल्हे
गांव बलरामपुर और ईशापुर में शनिवार को शव पहुंचने के बाद से गांव में किसी भी घर में चूल्हे नहीं जले। पूरे गांव में गमगीन माहौल रहा। गांव के लोग पूरी रात शवों के पास बैठे रहे। दोनों गांवों में सन्नाटा छाया रहा। अंतिम विदाई के समय गांव के हर व्यक्ति और महिला की आंखें नम हो गईं।
विज्ञापन


मृतकों के पास से नगदी, सोने-चांदी के जेवर गायब
दोपहर करीब दो बजे निर्मल और पूरन अपने-अपने गांव पहुंचे। दोनों अपने परिवार के लोगों के शव को लेकर कर फफक-फफक कर रो पड़े। परिवार और गांव के लोगों ने दोनों ढांढस बंधाया। निर्मल ने बताया कि उसने अपनी बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपये इकट्ठे करके शादी के सिलसिले में राजबेटी को बच्चों के साथ गांव भेजा था। निर्मल ने बताया कि रामबेटी की सोने की नथ, पायलें, चांदी के खड़ुआ और बेटा भी खड़ुआ पहने हुआ था, जो कि अब गायब हैं। वहीं निर्मल ने बताया कि उसने अपनी राजदेवी को बेटी के अन्नप्राशन के लिए पांच हजार रुपये लेकर भेजा था। राजदेवी की चांदी की हसली, चिमटी और सोने की लौंग गायब हैं।  

बचपन में पूरन के माता-पिता की मौत हो गई थी
जब पूरन एक साल की उम्र का था तो उसके पिता ओमप्रकाश की मौत हो गई थी। पिता की मौत के एक साल बाद मां देवकी मौत हो गई थी। अब उसकी पत्नी राजदेवी और एक साल की बेटी की मौत हो गई। पत्नी और बेटी की मौत से पूरन बिल्कुल टूट गया है।

विधायक रोशन लाल ने की आर्थिक मदद
तिलहर के विधायक रोशनलाल वर्मा रविवार को बलरामपुर पहुंचे, उन्होंने निर्मल को सांत्वना देते हुए 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद की। वहीं उन्होंने ईशापुर में पूरन को पांच हजार रुपये दिए। बसपा जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह ने दोनों परिवारों की आर्थिक मदद की।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें