बंधुआ मजदूरी के लिए सीतापुर से बालक का अपहरण
मौसी के घर जाने के लिए निकले सीतापुर के एक 12 वर्षीय बच्चे का एक सरदार बाबा ने अपहरण कर लिया। रात दो बजे रोजा जंक्शन पहुंचने पर बच्चा से ट्रेन से उतरा और वहां निरीक्षण कर रहे जीआरपी जवानों को घटना बताई। हालांकि इस बीच अपहरणकर्ता चकमा देकर फरार हो गया। जीआरपी मामले को बाल और बंधुआ मजदूरी के लिए बच्चों की तस्करी से जोड़कर देख रही है। जीआरपी ने सीतापुर के थाना रामकोट की पुलिस को सूचना देकर बच्चे के परिवार वालों को बुलाया है। एसपी जीआरपी सोनिया सिंह के निर्देश पर मंगलवार रात रोजा चौकी प्रभारी विवेक मौर्य हमराह सिपाही कुलदीप गुप्ता और कमलेश शुक्ला के साथ स्टेशन पर चेकिंग कर रहे थे। रात करीब दो बजे दिल्ली की ओर जाने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक पर आकर रुकी। जीआरपी के रोजा चौकी प्रभारी विवेक ने बताया कि ट्रेेन रुकते ही एक 12 साल का बच्चा ट्रेन से उतरकर रोने लगा। उससे पूछताछ की तो बच्चे ने अपना नाम संदीप पुत्र राजेश राठौर निवासी कचनार थाना रामकोट जिला सीतापुर बताया। संदीप ने बताया कि वह अपनी मौसी के घर जाने के लिए सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे हरदोई जिले के गांव जहानीखेड़ा अपनी मौसी के पास जाने के लिए निकला था। सीतापुर में बस स्टैंड से सिटी स्टेशन जाते समय उसे टेंपो में एक अनजान सरदार बाबा मिला। टेंपो से उतरने के बाद वह संदीप को बहला फुसलाकर काफी देर तक इधरउधर घुमाता रहा। सोमवार रात करीब दस बजे सरदार बाबा ने बालक को सत्याग्रह एक्सप्रेस में बैठा लिया। संदीप को अपनी मौसी के घर जाने के लिए जहानीखेड़ा रेलवे स्टेशन पर उतरना था, लेकिन वहां ट्रेन रुकी ही नहीं। इस पर उसने कई बार पूछा लेकिन सरदार बाबा हर बार संदीप को जान से मारने की धमकी देता रहा तो वह डर गया। रोजा स्टेशन पर ट्रेन रुकी तो संदीप पानी पीने के बहाने नीचे उतरा और पुलिस कर्मियों को देखकर रोने लगा। बच्चे की बातें सुनकर जीआरपी सिपाहियों ने बच्चे के साथ ट्रेन की बोगियां चेक कीं लेकिन सरदार बाबा गायब हो चुका था। इसके बाद दरोगा विवेक ने टीम के साथ फिर ट्रेन की तलाशी ली लेकिन अपहरणकर्ता नहीं मिला। जीआरपी बच्चे को चौकी ले आई और हरदोई के थाना रामकोट पुलिस के जरिए परिवार को सूचना दी गई।
तीन माह में यह चौथा मामला है जब किसी बच्चे को संदिग्ध हालत में बरामद किया गया। बरामद किए गए सभी बच्चे 12-13 साल के रहे हैं। आशंका है कि बाल मजदूरी कराने के लिए बच्चों की तस्करी की जा रही है और पंजाब, हरियाणा आदि राज्यों के फार्म हाउस पर बेचा जाता होगा।
- विवेक मौर्य, रोजा चौकी प्रभारी
हमारे थाना क्षेत्र के कचनार गांव का एक बच्चा सोमवार दोपहर से लापता है। थाने में इसकी सूचना न आने से बच्चे की गुमशुदगी नहीं लिखी गई लेकिन परिवार वाले बच्चे के खोज रहे थे। जीआरपी की सूचना पर परिवार वालों को भेजा जा रहा है।
- सियाराम वर्मा, एसओ रामकोट, सीतापुर
तीन माह में चार बच्चे किए जा चुके हैं बरामद
रोजा। पिछले तीन महीने में यहा चौथा मामला है जब जीआरपी ने किसी बच्चे को बरामद किया है। है। जीआरपी के मुताबिक इन बच्चों को सरदार बाबा किसी न किसी बहाने से अपने साथ लेकर जा रहा है। 12 दिसंबर 2015 को प्रयाग-बरेली पैसेंजर में 12 वर्षीय उस्मान और उसके चचेरे भाई नौ साल के हफीजुद्दीन निवासी शाहबाद हरदोई को रोजा जंक्शन से बरामद किया गया था। 28 जनवरी 2016 को 13 साल के शिखर गौतम निवासी काशीनगर थाना कोतवाली जिला लखीमपुर को सीतापुर पैसेंजर ट्रेन से बरामद किया गया था। इसी तरह के एक मामले में रोजा में बाल तस्करी को लेकर राजू नाम के युवक को गिरफ्तार किया जा चुका है। उसकी निशानदेही पर आदर्श नगर के दो किशोर बरामद किए गए थे। पुलिस के पूछताछ करने पर बरामद किशोरों ने बाल मजदूरी के लिए फार्म हाउस में बेचने की बात बताई थी।