कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बिसरात में रहने वाली शिखा और उसकी सहेली खुशबू की हत्या के मामले में खुशबू के भाई राजीव ने गिरफ्तारी को बचे तीन सुपारी किलर्स को पकड़ने वालों को 50 हजार रुपये ईनाम देने की घोषणा की है। राजीव का दावा है कि शिखा और खुशबू की हत्या नहीं की गई। वह दोनों जिंदा हैं। बाते दें कि 21 जनवरी 2016 को शिखा अपनी सहेली निगोही निवासी खुशबू के साथ थाना सदर बाजार के पास खरीददारी करने आईं थी। यहां से दोनों का अपहरण हो गया था। अपहरणकर्ताओं ने दोनों को गजरौला क्षेत्र में ले गए थे और रामगंगा की पोषक नहर में हत्या करके शवों को नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में शिखा के नाना सुरेश गुप्ता की तहरीर पुलिस ने उसके मौसरे भाई समेत 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में राहुल समेत सात लोगों को पकड़ कर जेल भेज दिया था। इस मामले में तीन सुपारी किलर फरार चल रहे हैं। थाना सदर बाजार पुलिस की एक टीम संभल और गजरौला क्षेत्र में उनकी तलाश में लगी है। फरार सुपारी किलर मेडू उर्फ निवासी गांव हिसामपुर थाना नखासा, दूसरा दानिश निवासी गांव मिल्क गोजरी थाना अस्मौली, संभल और तीसरा इसी गांव का शानू है। खुशबू के भाई राजीव का दावा है कि शिखा और उनकी बहन जिंदा है। पुलिस तीनों सुपारी किलर की तलाश में लगी हुई है, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से वह संभल क्षेत्र में ही डेरा डाले हुए है। उसे पता लगा है कि शिखा और खुशबू की हत्या नहीं की गई है। अपहरण के बाद वह जिन-जिन ठिकानों पर रखी गई हैं। वह वहां का पता लगा चुका है। राजीव ने बताया कि जो व्यक्ति तीनों सुपारी किलरर्स को उन्हें पकड़कर देगा वह उसे 50 हजार रुपये ईनाम देगा। वह अपने स्तर से अपनी बहन और शिखा का पता लगाएगा।