इंटर कालेज कैंपस में जला कर मारी गई शिवानी मामले में यह बात सामने आ रही है कि उसकी मौत दिन में ही हो गई थी। बवाल से बचने के चक्कर में उसके शव को घर पर रखा गया और रात में जलाया। इधर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। बकौल पुलिस शिवानी की हत्या पिता और मां के विवाद में मां का पक्ष लेने केे कारण ही की गई है।
बतातें चलें कि विवाद के कारण शिवानी की मां अपने पति मनोज यादव से अलग शाहजहांपुर में रहती थीं। मनोज अपनी एक महिला मित्र के साथ इंटर कालेज स्थित आवास में रहता था। शिवानी अपनी मां को घर बुलाने केपक्ष में थी और मनोज सहित उनकी महिला मित्र की हरकतों का विरोध करती थी। जिस कारण वह मनोज आदि के आंख की किरकिरी बनी हुई थी। बकौल पुलिस पांच अप्रैल को शिवानी की उसके बाबा रामकुमार ने जमकर पिटाई की थी। बाद में मनोज ने भी पिता का पक्ष लेते हुए शिवानी को पीटा था। मारपीट में शिवानी गंभीर रूप से घायल हो गई थी। छह अप्रैल की सुबह तीन बजे शिवानी की तबियत बिगड़ गई, लेकिन उसे अस्पताल नहीं ले जाया गया। शिवानी का बाबा रामकुमार झोलाछाप है। वह घर पर ही शिवानी का इलाज करता रहा। दोपहर में शिवानी की सांसे थम गईं।
इस पर महिला मित्र नीरज देवी गांव के ही शिव सिंह के साथ कार से शिवानी को लेकर पुवायां के एक निजी अस्पताल पहुंची। डॉक्टर ने कार में ही शिवानी को देखा और उसे मृत घोषित कर दिया। उस समय छह अप्रैल की दोपहर के एक बजे का समय था। इसके बाद नीरज देवी और शिव सिंह शिवानी के शव को लेकर कालेज लौट गए। शव को कालेज कैंपस में ही रख दिया गया। दिन में अंतिम संस्कार होने पर फंसने के डर से रात होने का इंतजार किया गया। रात गहराने पर कालेज कैंपस में ही शिवानी की चिता तैयार कर डीजल डालकर आग लगा दी गई। इस बीच शिवानी की मां रेखा देवी की सूचना पर पुलिस कालेज पहुंची और चिता को बुझाकर अधजला शव कब्जे में ले लिया और मनोज के परिवार की शिवानी के शव को जलाकर राख बहा देने की योजना धरी की धरी रह गई।