लड़की की बरामदगी और लड़के की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने रविवार को संतोष को मीडिया से दूर रखा। पुलिस ने कोर्ट में संतोष को पिछले दरवाजे से पेश किया और वहीं से निकालकर जेल भेज दिया। पुलिस को डर था कि संतोष कहीं मीडिया के सामने कुछ ऐसा न कह दे, जिससे पुलिस के सामने कोई नई समस्या पैदा हो जाए।
शनिवार की रात लड़की बरामदगी और लड़के की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने संतोष को मीडिया से मिलने नहीं दिया। सुबह साढ़े आठ बजे संतोष को जलालाबाद थाने से मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल में भेज दिया गया। दिन में करीब 12 बजे संतोष का मेडिकल परीक्षण होने के बाद पुलिस ने उसे भूमिगत कर दिया। मीडियाकर्मी संतोष से बात करने के लिए उसकी तलाश में जुटे रहे, लेकिन उसका कहीं पता नहीं लगा। शाम तीन बजे से मीडिया के लोगों ने कोर्ट परिसर के बाहर डेरा डाल दिया। पुलिस ने शाम करीब पांच बजे पिछले गेट से संतोष को कोर्ट में पेश किया और कुछ ही पलों में उसे पिछले गेट से निकालकर जेल में दाखिल कर दिया। संतोष को मीडिया के सामने पेश नहीं करने पर लोग तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे। मीडिया के लोगों ने पुलिस अधिकारियों के सामने सवाल उठा दिया कि लगता है पुलिस ने संतोष को गिरफ्तार नहीं किया।
बड़ा हरेवा में छाई तनावपूर्ण शांति
जलालाबाद। गांव बड़ा हरेवा से लड़की को लेकर गए संतोष की गिरफ्तारी और लड़की की बरामदगी के बाद रविवार को गांव में तनावपूर्ण शांति रही। हरेवा से लेकर आसपास के गांवों में यह मामला चर्चा का विषय बना रहा। लोग यह जानने के लिए उत्सुक रहे कि अब से मामले में आगे क्या होगा। लड़का पक्ष की महिलाएं यह जानने को बेताब दिखीं कि लड़की कोर्ट में किसके पक्ष में बयान देगी। गांव की गली नुक्कड़ पर लोग इसी मामले की चर्चा करते दिखे।
गांव हरेवा से 14 मई की रात कश्यप बिरादरी की लड़की को धानुक बिरादरी का संतोष अपने साथ ले गया। इस घटना के प्रतिशोध में कश्यप बिरादरी की महिलाओं और पुरुषों ने लड़के मां समेत पांच महिलाओं को निर्वस्त्र करके गांव में घुमाया था। इस मामले की गूंज प्रदेश सरकार तक पहुंची थी। मुख्यमंत्री ने इस घटना की निंदा करने के साथ आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़ितों को एक लाख की आर्थिक सहायता देने का एलान किया था। इस मामले के आरोपियों को पकड़कर जेल भेज दिया गया था। पुलिस के सामने लड़की बरामदगी और लड़की की गिरफ्तारी चुनौती थी। शनिवार को पुलिस लड़की को बरामद करके संतोष को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों के पकड़े जाने के बाद गांव हरेवा से लेकर कस्बे तक इसी बात की चर्चा रही।
कद्दावर नेता के समर्थक की शरण में थे लड़का-लड़की !
जलालाबाद। क्षेत्र में चर्चा है कि बड़ा हरेवा कांड की वजह बने लड़का-लड़की तीन दिन से एक कद्दावर नेता के समर्थक की शरण में थे। बताया जाता है कि समर्थक लड़का पक्ष का रिश्तेदार है। लड़का-लड़की को पुलिस ने समर्थक के घर से उठाया है, लेकिन इस मामले में बरामद लड़की ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। पुलिस ने लड़की की बरामदगी और लड़के की गिरफ्तारी अल्हागंज क्षेत्र के हुल्लापुर चौराहा से दिखाई है, लेकिन क्षेत्र में चर्चा है कि पुलिस ने दोनों को क्षेत्र के एक कद्दावर के समर्थक के घर से उठाया है। नेता का समर्थक लड़के का रिश्तेदार बताया जा रहा है। नेता जी की हरी झंडी मिलने के बाद लड़का-लड़की को पुलिस के हवाले कर दिया गया। हालांकि इस मामले में कोई पुष्टि नहीं हुई है।