रविवार सुबह आठ बजे भीड़भाड़ वाले गर्रा पुल पर 60 वर्षीय राइस मिलर से सात लाख रुपये लूट लिए गए। बाइक सवार लुटेरे पीछा किए जाने पर हवाई फायरिंग करते हुए बरेली मोड़ की ओर भाग निकले। फायरिंग होने पर जमीन पर गिरने से मिलर हरिराम अग्रवाल चोटिल हो गए। इनके ड्राइवर सुरेश ने एक लुटेरे का गिरेबान दबोचा, लेकिन वह अंगोछे को झटके से खींचकर भाग निकला। सूचना पाकर एसपी बबलू कुमार, एसपी सिटी राजेश कुमार और तीन सीओ के अलावा चौक कोतवाली प्रभारी केके तिवारी मय फोर्स के मौके पर पहुंचे। दिवाली से पहले भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में हुई घटना से कारोबारियों में दहशत है।
जिला अस्पताल से बरेली मोड़ को जाने वाले मार्ग पर मुमुक्षु आश्रम के सामने राइस मिल चलाने वाले हरिराम अग्रवाल रोजाना की भांति सुबह करीब आठ बजे रंगमहला स्थित अपने आवास से कार से निकले। गर्रा पुल पर पहुंचने पर रोजाना की भांति कार रुकी और ड्राइवर सुरेश भी दरवाजा खोलकर बाहर उतरा। यह भी उतरे और रुपयों भरा थैला शीशाबंद कार की पिछली सीट पर रखकर गर्रा नदी में पुल के ऊपर से पुष्प अर्पित किया। उसके बाद करीब 8.05 बजे कार की ओर मुड़े तो देखा कि एक युवक ने अगली सीट के खुले शीशे से पीछे रखे रुपये के थैले को खींच लिया और तेजी से जाकर बाइक पर बैठ गया, जिस पर चेहरा ढके दो युवक पहले से ही बैठे थे। इतने में ड्राइवर भी शोर मचाते हुए दौड़ा और यह भी लुटेरों का पीछा करने दौड़े। पुल पर तब काफी ट्रैफिक थी। इन्हें अपने पीछा करते देख बाइक पर सवार तीन में एक ने तमंचे से हवाई फायरिंग करनी शुरू कर दी। गोली से बचने की हड़बड़ाहट में हरिराम अग्रवाल जमीन पर गिर पड़े, लेकिन लुटेरों के पीछे ड्राइवर सुरेश भागता रहा और कुछ दूरी पर उसने पीछे बैठे एक के कंधे पर हाथ मारा तो उसका अंगोछा पकड़ में आया। उसने खींचना चाहा, लेकिन लुटेरा झटके से अपना अंगोछा छुड़ाकर भाग निकला। इसके बाद मौके पर भीड़ जुट गई और फिर इन्होंने पुलिस चौकी जाकर पूरी घटना बताई। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी एक-एक कर तुरंत मौके पर पहुंचे।
फिर सभी राइस मिल पहुंचे और वहीं पुलिस को पूरे मामले की तहरीर दी गई। इसमें एक बाइक पर सवार रहे तीन लुटेरों में से दो के चेहरा ढके होने और थैला लिफ्ट करने वाले का चेहरा खुला रहने का उल्लेख है। पुलिस के मुताबिक, मिल पर धान बेचने को पहुंचने वाले किसानों को भुगतान करने के लिए यह रकम लेकर मिलर हरिराम अग्रवाल घर से निकले थे। मिल में धान खरीद का काम जारी था। कोतवाली प्रभारी केके तिवारी ने कहा कि आईपीसी की धारा 392 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर लुटेरों की तलाश शुरू कर दी गई है।
घर से निकलते ही पीछे हो लिए थे लुटेरे
शाहजहांपुर। राइस मिलर हरिराम अग्रवाल के रंगमहला स्थित आवास से निकलते ही बाइक सवार लुटेरे उनके पीछे हो लिए। यह बात सीसीटीवी फुटेज से पुष्ट हुई। यह सीसीटीवी कैमरे एक दर्जन से ज्यादा रंगमहला से गर्रापुल होते हुए बरेली मोड़ तक लगे हैं। फुटेज खंगाले जाने पर यह अहम तथ्य पुलिस को मिला। इसमें लुटेरों की कदकाठी, पहने हुए कपड़े और खुले चेहरे वाले लुटेरे के चेहरे की झलक भी मिली है।
करीबी जानकार से मिली लुटेरों को टिप
शाहजहांपुर। लूट की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने हर कोण से तुरंत विश्लेषण शुरू किया। तत्काल जिले से सभी थाना क्षेत्रों और विशेषकर बरेली, सीतापुर और जलालाबाद मार्ग पर नाकेबंदी एवं चेकिंग कराई गई, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। पुलिस को शक है कि शातिरों ने राइस मिलर के रूटीन के करीबी जानकार से टिप्स लेकर घटना को अंजाम दिया। इस लिहाज से एकबारगी ड्राइवर सुरेश पर भी शक की सुई घूमी, लेकिन वह राइस मिलर का 35 वर्षीय पुराना भरोसेमंद पाया गया। इसके बाद जेल से छूटे और अभी तक पकड़ से बाहर लुटेरा गिरोहों के सदस्यों का मौजूदा लोकेशन भी जुटाने को मुखबिरों की टीम तत्काल मैदान में उतार दी गई। एसपी सिटी राजेश कुमार को मानीटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि सीओ क्राइम अनुराग दर्शन, सीओ तिलहर विजय शंकर मिश्रा और सीओ सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल यादव को अलग-अलग तफ्तीश-दबिश टीम की कमान सौंपी गई है।
जल्द ही करेंगे इस लूट का खुलासा : एसपी
शाहजहांपुर। गर्रा लूट कांड का एसपी बबलू कुमार ने जल्द ही खुलासा कर दिए जाने का दावा किया है। रविवार की शाम उन्होंने कहा कि कई अहम जानकारियां तफ्तीश में जुटी टीमों के हाथ लगी है। जिस अंदाज में घटना को शातिरों ने अंजाम दिया है, वह चुनौती है और इससे पार पाने में पुलिस पूरी तरह सक्षम है। आशा व्यक्त की कि दिवाली से पहले ही इस लूट और इसमें शामिल लुटेरों का खुलासा हो जाएगा।
सूचना मिलते ही राइस मिल जुटे उद्यमी
शाहजहांपुर। लूट की घटना की सूचना पाकर जिले भर के उद्यमी मुमुक्षु आश्रम के सामने वाले हरिराम अग्रवाल के राइस मिल पर पहुंचे। इनमें इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अशोक अग्रवाल, शाहजहांपुर चैप्टर अध्यक्ष किशोर कुमार गुप्ता, चैप्टर सचिव अनुज गुप्ता, किशन अग्रवाल, राजगोपाल अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, प्रह्लाद अग्रवाल आदि शामिल थे। उद्यमियों ने पुलिस-प्रशासन से मांग की है कि यथाशीघ्र मामले का खुलासा किया जाए ताकि भय का माहौल छंटे और इसमें वे पुलिस का हरसंभव सहयोग करने को तत्पर हैं।